पत्नी और भाई के सामने नर्मदा में समाया युवक, सहस्त्रधारा घाट पर दर्दनाक हादसा कैमरे में कैद
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर स्थित प्रसिद्ध सहस्त्रधारा घाट पर एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इंदौर का 30 वर्षीय युवक अर्पित हाड़ा नर्मदा नदी की तेज धारा में परिवार के सामने ही बह गया। हादसे के दौरान उसकी पत्नी और भाई उसे बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन देखते ही देखते अर्पित तेज बहाव में समा गया। पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, अर्पित हाड़ा अपने परिवार के साथ महेश्वर घूमने आया था। परिवार सहस्त्रधारा घाट पर नर्मदा के किनारे समय बिता रहा था। इसी दौरान अर्पित नदी के पास पहुंचा, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव की चपेट में आ गया। नदी की धारा इतनी तेज थी कि वह कुछ ही सेकेंड में बहता हुआ दूर निकल गया।
घटना के समय अर्पित की पत्नी और उसका भाई मौके पर मौजूद थे। दोनों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की और मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई, लेकिन नदी का तेज बहाव उनके सभी प्रयासों पर भारी पड़ गया। देखते ही देखते अर्पित पानी में ओझल हो गया और परिवार की आंखों के सामने यह दर्दनाक हादसा हो गया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, होमगार्ड और गोताखोरों की टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी। नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवक का पता नहीं चल सका था।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गहरा दुख और चिंता है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि युवक तेज बहाव में फंस जाता है और कुछ ही क्षणों में नदी की लहरें उसे अपने साथ बहाकर ले जाती हैं। परिवार की बेबसी और चीख-पुकार देखकर हर कोई भावुक हो रहा है।
सहस्त्रधारा घाट नर्मदा नदी का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में यहां नदी का जलस्तर और बहाव काफी बढ़ जाता है। इसके बावजूद कई लोग जोखिम उठाकर नदी के भीतर चले जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल अर्पित हाड़ा की तलाश जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि बरसात के दौरान नदियों का तेज बहाव पल भर में जानलेवा साबित हो सकता है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

