रायसेन में झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, 4 घंटे तक चीटियां काटती रहीं; रोने की आवाज सुन चरवाहे ने बचाई जान
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद झाड़ियों में छोड़ दिया गया। करीब चार घंटे तक बच्ची झाड़ियों में पड़ी रही, जहां चीटियां उसे काटती रहीं। गनीमत रही कि एक चरवाहे ने बच्ची के रोने की आवाज सुन ली और मौके पर पहुंचकर उसकी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, मामला रायसेन जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि चरवाहा अपने मवेशियों को लेकर जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उसे झाड़ियों के बीच से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उसे कुछ समझ नहीं आया, लेकिन आवाज लगातार आने पर वह झाड़ियों के पास पहुंचा।
वहां पहुंचकर चरवाहे ने देखा कि एक नवजात बच्ची कपड़ों में लिपटी हुई पड़ी थी। बच्ची के शरीर पर चीटियां चल रही थीं और वह दर्द से रो रही थी। चरवाहे ने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी और बच्ची को वहां से उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इसके बाद बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नवजात काफी समय तक खुले में रहने के कारण ठंड और पानी के संपर्क में रही। इसके चलते उसका शरीर अकड़ गया था। डॉक्टरों की टीम ने बच्ची का उपचार शुरू कर दिया है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को झाड़ियों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और बच्ची के परिजनों की तलाश भी की जा रही है।
ग्रामीणों ने चरवाहे की सराहना की, जिसकी सतर्कता के कारण नवजात की जान बच सकी। यदि समय पर बच्ची की रोने की आवाज नहीं सुनी जाती तो उसकी हालत और गंभीर हो सकती थी।
यह घटना एक बार फिर नवजात बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन की ओर से मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्ची अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है।

