सागर के भिलैंया में हरियाली का महाअभियान, 1 लाख गड्ढे खोदे, 30 हजार पौधे रोपे
मध्यप्रदेश के सागर जिले के भिलैंया गांव में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। हरियाली बढ़ाने और जलवायु संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से यहां 1 लाख गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें से 30 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है। इस पहल को स्थानीय प्रशासन, वन विभाग और ग्रामीणों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाना, भूजल संरक्षण को बढ़ावा देना और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना है। पौधरोपण के लिए पहले बड़े स्तर पर गड्ढे तैयार किए गए, ताकि बारिश के मौसम में अधिक से अधिक पौधे लगाए जा सकें और उनके जीवित रहने की संभावना भी बढ़े।
अभियान में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं, जो स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र घने हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो सके।
इस अभियान में ग्रामीणों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। लोगों को पौधरोपण के साथ-साथ उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है, जिससे लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधरोपण से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि मिट्टी का कटाव कम होगा, भूजल स्तर में सुधार होगा और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी ऐसे अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशासन का लक्ष्य मानसून के दौरान शेष गड्ढों में भी अधिक से अधिक पौधे रोपना है। साथ ही पौधों की निगरानी और संरक्षण के लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा, ताकि पौधरोपण अभियान केवल रिकॉर्ड तक सीमित न रहे, बल्कि लंबे समय तक पर्यावरण को वास्तविक लाभ पहुंचा सके।
भिलैंया में चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जनभागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। यदि पौधों का संरक्षण सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र हरियाली और प्राकृतिक संतुलन की दिशा में एक नई पहचान बना सकता है।

