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उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में लगी आग, 1 किमी दूर तक दिखाई दी लपटें, आग बुझाने में एक कर्मचारी का हाथ झुलसा

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम की छत पर आग लग गई। इससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की बैटरियां जल गईं। धुआँ और लपटें दूर से देखी जा सकती थीं। आग लगने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकना पड़ा....
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उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम की छत पर आग लग गई। इससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की बैटरियां जल गईं। धुआँ और लपटें दूर से देखी जा सकती थीं। आग लगने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकना पड़ा। आग बुझाते समय एक कर्मचारी के दोनों हाथ जल गए। यह घटना मंदिर के गेट नंबर एक पर स्थित अवंतिका द्वार के नियंत्रण कक्ष की छत पर हुई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद मंदिर का द्वार पुनः खोल दिया गया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

कलेक्टर-एसपी भी मौके पर पहुंचे

आग की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोशन सिंह, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा, नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे।

आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं

महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि कंट्रोल रूम की छत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की बैटरी में आग लग गई, जिस पर तत्काल काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, केवल बैटरियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।

मंदिर कर्मचारी के दोनों हाथ जल गए

श्री महाकालेश्वर मंदिर के सुविधा केंद्र एवं कंट्रोल रूम की छत पर लगे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वायु नियंत्रक सिस्टम की बैटरी में सोमवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इस दौरान मंदिर समिति के प्रशासनिक भवन के बाहर मौजूद मंदिर समिति का कर्मचारी संतोष पाठक भी आग बुझाने के लिए छत पर पहुंच गया। आग पर काबू पाने के लिए वह जलते पाइप हटा रहा था, तभी उसकी दोनों हथेलियां आगे-पीछे से जल गईं। घटनास्थल पर मौजूद अन्य लोगों ने पाठक को इलाज के लिए मंदिर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि पाठक पूरी तरह स्वस्थ हैं।

जीतू पटवारी बोले- मंदिर में सुरक्षा कड़ी की जाए

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया कि महाकाल मंदिर परिसर में आगजनी की घटना चिंताजनक! बाबा महाकाल की कृपा से कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना से पता चलता है कि मोहन सरकार भी महाकाल मंदिर की सुरक्षा को लेकर लापरवाह है! मोहन सरकार को महाकाल मंदिर एवं सम्पूर्ण परिसर की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने चाहिए! कम से कम महाकाल मंदिर में तो कमीशन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जानी चाहिए!

उज्जैन का महाकाल मंदिर लाखों भारतीयों की आस्था का केंद्र है। मंदिर में आग लगने की घटना बहुत चिंता का विषय है। हर दिन हजारों भक्त मंदिर में दर्शन करने आते हैं। ऐसे में बेहतर सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है। सुरक्षा में चूक करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और उनके जीवन के लिए खतरा है। प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो

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