65 साल की दादी ने बंदूक के सामने दिखाई हिम्मत, वीडियो में जाने डकैत के हाथ से 7 महीने की पोती को छीना: 7 हथियारबंद बदमाशों ने घर में बोला था धावा, ग्रामीणों ने दो बंदूकें छीनीं
मध्य प्रदेश के गुना जिले के बेरखेड़ी गांव में 65 साल की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी 7 महीने की पोती की जान बचाने के लिए हथियारबंद डकैतों का सामना किया। बदमाशों ने महिला की छाती पर बंदूक अड़ा दी, उन्हें थप्पड़ मारे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद मोहर बाई ने हिम्मत नहीं हारी। जब डकैतों का ध्यान भटका तो उन्होंने झपट्टा मारकर अपनी पोती को उनके हाथ से छुड़ा लिया।
यह घटना 20 और 21 अक्टूबर की दरमियानी रात की है। गुना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बेरखेड़ी गांव में वीरेंद्र धाकड़ का परिवार खाना खाने के बाद सो रहा था। रात करीब 2 बजे सात हथियारबंद बदमाश सब्बल, लाठी, चाकू और 12 बोर की बंदूकें लेकर घर में घुस आए।
छोटे बेटे को दी जान से मारने की धमकी
बदमाशों ने सबसे पहले वीरेंद्र धाकड़ के छोटे बेटे छोटू सिंह के कमरे की कुंडी खटखटाई। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। घर में शोर सुनकर 65 वर्षीय मोहर बाई बाहर आईं। बदमाशों ने उन्हें देखते ही छाती पर बंदूक अड़ा दी और थप्पड़ मारने लगे।इसके बाद डकैत बहू के कमरे में घुस गए। वहां उन्होंने तोड़फोड़ की और पर्स व गहने तलाशने लगे। घर में ज्यादा नकदी और कीमती सामान नहीं मिलने पर बदमाशों ने परिवार को डराने के लिए एक खौफनाक कदम उठाया।
7 महीने की बच्ची को गोद में उठाया
एक बदमाश ने पलंग पर सो रही 7 महीने की मासूम बच्ची को गोद में उठा लिया। उसने बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हुए परिवार से नकदी और जेवर मांगे। अपनी पोती को बदमाश के हाथों में देखकर मोहर बाई घबरा गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।मोहर बाई के मुताबिक, बदमाश उनसे कह रहे थे कि अम्मा, तुझे यहीं मार देंगे। वह करीब 10 मिनट तक हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर उनसे बच्ची को छोड़ने की गुहार लगाती रहीं। उनकी आंखों के सामने मासूम पोती की जान खतरे में थी।
ग्रामीणों को आता देख बदमाशों ने की फायरिंग
इसी दौरान घर से आ रही चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख बदमाशों ने 14 से 15 राउंड गोलियां चलाईं। अचानक हुई फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई।फायरिंग और अफरा-तफरी के बीच बदमाशों का ध्यान कुछ पल के लिए बच्ची से हट गया। इसी मौके का फायदा उठाकर मोहर बाई ने झपट्टा मारा और डकैत के हाथ से अपनी पोती को छीन लिया। उन्होंने बच्ची को सुरक्षित अपने पास कर लिया।
ग्रामीणों ने छीनीं दो बंदूकें
बदमाशों की फायरिंग के बावजूद ग्रामीण पीछे नहीं हटे। उन्होंने एकजुट होकर डकैतों पर हमला कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने बदमाशों की दो बंदूकें छीन लीं। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध और हथियार छिन जाने के बाद सातों बदमाश मौके से भाग निकले।घटना के दौरान मोहर बाई ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना पोती को बचाया, उसकी गांव में चर्चा हो रही है। बंदूक की नोक पर खड़ी होने और जान से मारने की धमकी मिलने के बावजूद उन्होंने मौका मिलते ही बच्ची को छुड़ा लिया। उनकी हिम्मत ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

