6 साल से सिर्फ कागजों में चल रहा 100 बेड का अस्पताल! जॉइनिंग खजराना में, ड्यूटी कहीं और; स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस 100 बेड के अस्पताल को छह साल पहले शुरू किया जाना था, वह आज भी केवल सरकारी रिकॉर्ड और कागजों में ही संचालित हो रहा है। अस्पताल का भवन और व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकीं, लेकिन कर्मचारियों की पदस्थापना और प्रशासनिक रिकॉर्ड में अस्पताल लगातार संचालित दिखाया जाता रहा।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कई डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की जॉइनिंग खजराना स्थित इस 100 बेड अस्पताल के नाम पर कराई गई, जबकि उनकी वास्तविक ड्यूटी दूसरे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाई गई। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के लिए स्वीकृत कई पदों पर नियुक्तियां तो कर दी गईं, लेकिन अस्पताल पूरी तरह शुरू नहीं होने के कारण कर्मचारियों को अन्य संस्थानों में कार्य करने के निर्देश दे दिए गए। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उनकी पदस्थापना इसी अस्पताल में दर्ज रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है। 100 बेड का अस्पताल शुरू होने से हजारों लोगों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी अस्पताल पूरी तरह शुरू नहीं हो सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अस्पताल का संचालन समय पर शुरू हो जाता तो आसपास के सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम हो सकता था। वहीं विभागीय स्तर पर संसाधनों और मानवबल का बेहतर उपयोग भी संभव होता।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि छह वर्षों तक अस्पताल केवल कागजों में ही क्यों संचालित होता रहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि अस्पताल का निर्माण और संचालन शुरू करने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की समीक्षा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के बाद अस्पताल को जल्द पूरी क्षमता के साथ शुरू करने और प्रशासनिक अनियमितताओं पर कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

