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कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से 9 चीते पहुँचे, वीडियो में जाने चीतों की संख्या हुई 45

कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से 9 चीते पहुँचे, वीडियो में जाने चीतों की संख्या हुई 45

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार सुबह 9 और चीते पहुंचाए गए। ये चीते दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से विशेष विमान के माध्यम से लाए गए। इस खेप में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल थे। पहले उन्हें ग्वालियर लाया गया और फिर हेलीकॉप्टर के जरिए कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना किया गया। इस कदम के साथ कूनो में चीते का कुनबा 36 से बढ़कर 45 हो गया है। गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद तीन चीते मिलाकर देश में कुल 48 चीते अब सुरक्षित रूप से मौजूद हैं।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस अवसर पर विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचकर, हेलीकॉप्टर के माध्यम से कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया। सुबह करीब 9:20 बजे उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से क्रेट का हैंडल घुमाकर दो चीते को क्वारंटीन बाड़े में रिलीज किया। इस मौके पर वन विभाग के अधिकारी और पर्यावरण विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई खेप में मादा चीते की अधिक संख्या से कूनो नेशनल पार्क में लिंगानुपात (Sex Ratio) बेहतर होगा। इससे भविष्य में प्राकृतिक प्रजनन की संभावनाएं मजबूत होंगी और चीतों की संख्या स्वाभाविक रूप से बढ़ सकती है। वन्य जीव संरक्षणists के अनुसार, यह कदम भारत में एक बार फिर से चीते की आबादी को सुरक्षित बनाने और प्रजनन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

कूनो नेशनल पार्क को लंबे समय से चीते संरक्षण के लिए चुना गया है। 2012 में इस पार्क में पहली बार भारत में लुप्तप्राय अफ्रीकी चीतों को लाने की योजना बनी थी। उस समय से अब तक चीतों की संख्या लगातार बढ़ी है, और विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई खेप से पार्क में प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

वन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि नए चीते क्वारंटीन अवधि पूरी करने के बाद पूरी तरह से पार्क के खुले क्षेत्र में छोड़े जाएंगे। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी बीमारी का खतरा न रहे और नए चीते मौजूदा प्रजातियों के साथ सुरक्षित रूप से मेल खा सकें।

वन्य जीव संरक्षण और जैव विविधता विशेषज्ञों ने इस परियोजना की सफलता की सराहना की है। उनका कहना है कि कूनो नेशनल पार्क में चीते का पुनर्वास कार्यक्रम न केवल देश के वन्य जीव संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

इस तरह, कूनो नेशनल पार्क में चीते की आबादी बढ़ाने का यह कदम भारत में लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में मील का पत्थर साबित हो सकता है। आने वाले वर्षों में, इस पार्क से नई पीढ़ी के चीते अन्य प्रजनन केंद्रों और सुरक्षित अभयारण्यों में फैलाने की योजना भी बनाई जा रही है।

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