Samachar Nama
×

निकाय-पंचायत चुनाव के लिए 87 हजार EVM की जरूरत: खरीद पर 300 करोड़ खर्च, किराये पर लेने में आएगा सिर्फ 20 करोड़ का खर्च

निकाय-पंचायत चुनाव के लिए 87 हजार EVM की जरूरत: खरीद पर 300 करोड़ खर्च, किराये पर लेने में आएगा सिर्फ 20 करोड़ का खर्च

राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जरूरत सामने आई है। चुनाव आयोग के आकलन के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए करीब 87 हजार अतिरिक्त EVM की आवश्यकता होगी।इन मशीनों की व्यवस्था को लेकर अब खरीद और किराये पर लेने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। अनुमान के अनुसार, अगर नई EVM खरीदी जाती हैं तो सरकार पर करीब 300 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वहीं, किराये पर लेने का विकल्प अपनाया जाता है तो यह खर्च घटकर करीब 20 करोड़ रुपए तक रह सकता है।

चुनावों के लिए बढ़ेगी EVM की जरूरत

राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। ऐसे में पर्याप्त संख्या में EVM उपलब्ध होना जरूरी है।मौजूदा मशीनों की संख्या और चुनावों की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त EVM की मांग की गई है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए, इसके लिए पहले से मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

खरीद और किराये के विकल्प पर मंथन

87 हजार EVM की व्यवस्था के लिए सरकार के सामने दो विकल्प हैं। पहला विकल्प नई मशीनें खरीदने का है, जिसमें करीब 300 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है।दूसरा विकल्प अन्य राज्यों या संस्थाओं से EVM किराये पर लेने का है। इस स्थिति में खर्च काफी कम हो सकता है और करीब 20 करोड़ रुपए में जरूरत पूरी होने की संभावना है।हालांकि, किराये पर EVM लेने को लेकर तकनीकी जांच, उपलब्धता और चुनावी नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

खर्च कम करने पर जोर

चुनावी तैयारियों में सरकार और निर्वाचन विभाग लगातार खर्च कम करने के विकल्प तलाश रहे हैं। EVM खरीदने की तुलना में किराये पर लेने का विकल्प आर्थिक रूप से ज्यादा किफायती दिखाई दे रहा है।इसके अलावा, नई मशीनों की खरीद में समय भी लग सकता है, जबकि किराये पर मशीनें उपलब्ध होने से चुनाव तैयारियों को तेजी से पूरा किया जा सकता है।

चुनावी तैयारियां तेज

निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदान केंद्रों की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की तैनाती और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है।87 हजार अतिरिक्त EVM की जरूरत का मामला सामने आने के बाद अब जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच इसको लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

Share this story

Tags