मेड़ता में शुरू हुआ 522वां मीरा महोत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब; रजत रेवाड़ियों की हुई स्थापना
राजस्थान के मेड़ता में भक्तिकाल की महान संत और कृष्ण भक्त मीराबाई की स्मृति में आयोजित 522वें मीरा महोत्सव का मंगलवार को धार्मिक उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। महोत्सव की शुरुआत भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाथों में ध्वज लेकर शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान पूरा शहर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
महोत्सव को लेकर शहर में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु और आयोजन से जुड़े लोग ध्वज लेकर शोभायात्रा में शामिल होने पहुंचे। भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों के बीच शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
शोभायात्रा में शामिल हुए श्रद्धालु
मीरा महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। लोगों ने हाथों में ध्वज लेकर मीराबाई के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन गाते और धार्मिक जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्ग में लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। आयोजन के चलते शहर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रजत रेवाड़ियों की स्थापना
महोत्सव के तहत धार्मिक परंपरा के अनुसार रजत रेवाड़ियों की स्थापना भी की गई। इस दौरान विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने दन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।रजत रेवाड़ियों की स्थापना को महोत्सव के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में माना जा रहा है। इसके लिए आयोजन समिति की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।
मीरा की भक्ति से जुड़ा है मेड़ता
मेड़ता का नाम संत मीराबाई की भक्ति परंपरा से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। मीराबाई भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं और उन्होंने अपना जीवन कृष्ण भक्ति को समर्पित कर दिया था। मेड़ता में हर वर्ष मीरा महोत्सव का आयोजन उनकी भक्ति और आध्यात्मिक विरासत को याद करने के लिए किया जाता है।महोत्सव में स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। आयोजन के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
कई दिनों तक चलेगा महोत्सव
522वें मीरा महोत्सव को लेकर शहर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए मीरा की कृष्ण भक्ति को याद किया जाएगा।महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही मेड़ता में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बन गया है। शोभायात्रा में उमड़ी भीड़ और रजत रेवाड़ियों की स्थापना ने आयोजन को विशेष बना दिया। आने वाले दिनों में होने वाले कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

