MYH में वायरल के रोज 500 मरीज, पूड़ी-सब्जी और भजिए से बढ़ रही शुगर; एक्सपर्ट्स बोले- योग सबसे बेहतर
इंदौर में बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल (MYH) में रोजाना करीब 500 मरीज वायरल संबंधी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। मरीजों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मौसम बदलने के दौरान तापमान में अंतर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
अस्पताल में वायरल के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि वायरल के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
पूड़ी-सब्जी और भजिए भी बढ़ा रहे परेशानी
बदलते मौसम में इंदौर के लोगों की खानपान की आदतें भी स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं। मौसम सुहाना होते ही कई लोग पूड़ी-सब्जी, भजिए और अन्य तली-भुनी चीजों का सेवन बढ़ा देते हैं। स्वाद में पसंद आने वाला यह भोजन अगर लगातार और अधिक मात्रा में खाया जाए तो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा तेल, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी वाले भोजन से वजन बढ़ने के साथ ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना भी मुश्किल हो सकता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों को तले हुए खाद्य पदार्थ और ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
कम शारीरिक गतिविधि भी बड़ी वजह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि शारीरिक गतिविधि की कमी भी समस्या को बढ़ा रही है। मौसम बदलने के दौरान कई लोग बाहर निकलकर वॉक या एक्सरसाइज करने से बचते हैं। इससे शरीर की सक्रियता कम हो जाती है और वजन, शुगर तथा अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों को अपनी दिनचर्या में नियमित योग और व्यायाम शामिल करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि योग शरीर को सक्रिय रखने के साथ तनाव कम करने और जीवनशैली को संतुलित बनाने में मदद कर सकता है। इसके साथ रोजाना पैदल चलना भी फायदेमंद हो सकता है।
खानपान में रखें संतुलन
डॉक्टरों के मुताबिक मौसम बदलने के दौरान घर का ताजा और संतुलित भोजन करना चाहिए। फल, सब्जियां, पर्याप्त पानी और पौष्टिक आहार को प्राथमिकता देने के साथ तली-भुनी चीजों की मात्रा कम करनी चाहिए। पर्याप्त नींद और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी और बीमार होने पर आराम जरूरी है। वहीं डायबिटीज या अन्य पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को अपनी दवाएं और डाइट डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही जारी रखनी चाहिए।
बदलते मौसम में यदि तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो समय गंवाए बिना डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक संतुलित खानपान, नियमित योग और सक्रिय जीवनशैली मौसमी बीमारियों के साथ-साथ शुगर जैसी समस्याओं को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकती है।

