चित्रकूट में 44 साल पुराना हनुमान ब्रिज बाढ़ में बहा, अब मंदाकिनी पर बनेगा अस्थाई पीपा पुल
सतना जिले के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पर बना करीब 44 साल पुराना हनुमान ब्रिज बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने के बाद आवागमन बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। लोगों की परेशानी को देखते हुए सेतु निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है। मंदाकिनी नदी पर अस्थाई पीपा पुल यानी पॉन्टून ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। इसे दीपावली तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
बाढ़ के दौरान हनुमान ब्रिज के क्षतिग्रस्त होकर बह जाने से चित्रकूट के दोनों हिस्सों के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। यह पुल लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम था। पुल के बह जाने के बाद लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति को देखते हुए सेतु निगम ने तत्काल वैकल्पिक पुल तैयार करने की योजना बनाई है। इसके तहत मंदाकिनी नदी पर पीपा पुल बनाया जाएगा। पॉन्टून ब्रिज पानी में तैरने वाले बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म या पीपों को जोड़कर तैयार किया जाता है। इसे जरूरत के अनुसार लगाया और हटाया जा सकता है। आपात परिस्थितियों में ऐसे पुल कम समय में आवागमन बहाल करने के लिए उपयोगी साबित होते हैं।
प्रस्तावित पीपा पुल के निर्माण से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। दीपावली तक इसके तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के दौरान नदी के जलस्तर और बहाव की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा। बारिश के मौसम में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माण एजेंसियों के सामने चुनौती बनी रहेगी।
चित्रकूट धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रमुख पुल के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय व्यापार और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे हनुमान ब्रिज के बह जाने के बाद जल्द स्थायी समाधान की जरूरत है। पीपा पुल से फिलहाल राहत मिल सकती है, लेकिन भविष्य में स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण जरूरी होगा, ताकि बारिश और बाढ़ के दौरान आवागमन बाधित न हो।
सेतु निगम की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू किए जाने के बाद अब लोगों को पीपा पुल के निर्माण का इंतजार है। यदि तय समय के अनुसार दीपावली तक पुल तैयार हो जाता है तो त्योहारी सीजन में चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

