दतिया में 4 मानसिक रूप से कमजोर लोग बंधक मिले, घर-खेत में कराया जा रहा था काम; पुलिस ने छुड़ाया, 3 पर केस
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां चार मानसिक रूप से कमजोर लोगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे घर व खेत में काम कराया जा रहा था। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद चारों लोगों को मुक्त कराया गया। मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, दतिया क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को अपने कब्जे में रखकर उनसे जबरन काम कराने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच के दौरान चार लोग वहां मिले, जिन्हें कथित रूप से लंबे समय से बंधक बनाकर रखा गया था।
घर और खेत में कराया जा रहा था काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन लोगों से घर के कामों के साथ-साथ खेतों में भी मजदूरी कराई जा रही थी। आरोप है कि उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। पुलिस ने मौके से चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके बयान दर्ज किए।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों की स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही उनके परिवार और पहचान से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने तीन लोगों पर दर्ज किया मामला
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पूरा मामला कितने समय से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि कमजोर और असहाय लोगों के साथ किसी भी तरह का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि पीड़ितों को किसी तरह का शारीरिक या मानसिक नुकसान तो नहीं पहुंचाया गया।
पीड़ितों की सुरक्षा पर जोर
चारों लोगों को मुक्त कराने के बाद उनकी देखभाल और सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से उनकी काउंसलिंग और जरूरी सहायता की व्यवस्था की जा सकती है।
दतिया की इस घटना ने एक बार फिर कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

