OBC आरक्षण पर सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की चेतावनी; CM से मिले महासभा के प्रतिनिधि
राजस्थान में ओबीसी आरक्षण और 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर अटके अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और लंबित मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग उठाई। प्रतिनिधियों ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय में फैसला नहीं लिया गया तो महासभा आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।
13 प्रतिशत होल्ड अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग
ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने 13 प्रतिशत होल्ड अभ्यर्थियों का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य लंबे समय से अधर में है। प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की कि इस मामले में जल्द समाधान निकालकर प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दी जाए।
महासभा का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लंबे समय तक अनिश्चितता बने रहने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई उम्मीदवार लंबे समय से नियुक्ति और अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को स्पष्ट रुख अपनाते हुए मामले का निस्तारण करना चाहिए।
तीन दिन में निर्णय लेने की मांग
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों ने सरकार से तीन दिन के भीतर फैसला लेने की मांग की। महासभा ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आता है तो आंदोलन किया जाएगा। इस अल्टीमेटम के बाद ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी चर्चाओं में आ गया है।
महासभा के प्रतिनिधियों के अनुसार, उनकी प्राथमिकता प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना और लंबित विवाद का समाधान कराना है। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने की अपील भी की है।
आंदोलन की चेतावनी से बढ़ा दबाव
ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों में अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लंबे समय से लंबित फैसलों पर समयबद्ध कार्रवाई हो। महासभा की ओर से आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद अब सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।
यदि तीन दिन के भीतर मांगों पर कोई निर्णय नहीं होता है, तो महासभा आगे की रणनीति घोषित कर सकती है। हालांकि, आंदोलन का स्वरूप और तारीख क्या होगी, इसे लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सरकार के फैसले का इंतजार
इस पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि सरकार 13 प्रतिशत होल्ड अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाती है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद महासभा ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है और समयसीमा भी तय कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय कर सकती है।
फिलहाल, प्रभावित अभ्यर्थियों और ओबीसी महासभा की नजर सरकार के फैसले पर टिकी है।

