सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के 12 मकान तोड़े, फसल भी कुचली; शिवराज सिंह चौहान से मिलकर रोने लगीं महिलाएं
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला सामने आया है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे वन विकास निगम ने कार्रवाई करते हुए 12 मकानों को तोड़ दिया। इस दौरान खेतों में खड़ी फसल भी कुचले जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्हें देखकर कई महिलाएं भावुक हो गईं और अपनी पीड़ा बताते हुए रोने लगीं। मंत्री ने धरना स्थल पर बैठकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
12 मकान तोड़े जाने से प्रभावित हुए परिवार
जानकारी के अनुसार, कोसमी गांव में रविवार दोपहर वन विकास निगम की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान आदिवासी परिवारों के 12 मकान तोड़ दिए गए। प्रभावित परिवारों की फसल भी कुचले जाने की बात सामने आई है।
मकान टूटने और फसल को नुकसान पहुंचने से परिवारों के सामने रहने और आजीविका से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो गई हैं। घटना के बाद प्रभावित लोग अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर बैठे हैं। हालांकि, मकानों को तोड़ने के लिए निगम की ओर से क्या कारण बताया गया और कार्रवाई से पहले परिवारों को कोई नोटिस दिया गया था या नहीं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
शिवराज सिंह चौहान से मिलकर भावुक हुईं महिलाएं
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाएं अपनी पीड़ा बताते हुए रोने लगीं। परिवारों ने मकान टूटने और फसल को नुकसान पहुंचने से जुड़ी परेशानियां उनके सामने रखीं।
शिवराज सिंह चौहान धरना स्थल पर बैठकर पीड़ितों से मिले। उनकी मौजूदगी के दौरान प्रभावित परिवारों ने अपनी समस्याएं बताईं। इस मुलाकात से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिला।
कार्रवाई और मुआवजे को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मकानों के नुकसान और फसल के मुआवजे को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ितों को राहत देने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वन विकास निगम की कार्रवाई में 12 मकान तोड़े गए और फसल को नुकसान पहुंचा। मामले में निगम और जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष, कार्रवाई का आधार तथा प्रभावित परिवारों की आगे की मांगों की जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

