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KOTA नाबालिग की मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, बाल कल्याण समिति सदस्यों द्वारा प्रेसनोट जारी करने पर खेद जताया

EFDSF
जयपुर डेस्क !!!  चाइल्ड लाइन की टीम ने बालिका को रेस्क्यू किया। और बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। बाल कल्याण समिति ने पीड़िता को बालिका गृह में शेल्टर कराया। बालिका गृह की काउंसलर आरती जोशी ने बालिका की काउंसलिंग की।  पीडिता की मेडिकल जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। बालिका के नाभि के ऊपर बना घाव भी जन्मजात बीमारी बताया गया है। जबकि बाल कल्याण समिति के चार सदस्यों ने सोमवार रात को प्रेसनोट जारी करके पिता द्वारा 11 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म होने की बात बताई थी। आज मेडिकल रिपोर्ट व सोनोग्राफी जांच आने के बाद बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कनीज़ फातिमा ने पूरे प्रकरण में खेद जताते हुए,माफी मांगी है। कनीज़ फातिमा ने कहा कि समिति सदस्यों को बिना काउंसलिंग व मेडिकल रिपोर्ट आने के पहले प्रेसनोट जारी नहीं करना चाहिए था। बालिका के साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ है। बालिका मानसिक विमंदित है। बालिका के पिता सरकारी कर्मचारी है। पिता मारपीट करते है और गलत काम करते है।पिता द्वारा 11 साल की बालिका से दुष्कर्म करने का मामला झूठा निकला है। इससे परिवार की सामाजिक छवि खराब हुई है। कनीज़ फातिमा ने बताया कि समिति के चार सदस्यों ने बालिका से काउंसलिंग नहीं की। जांच में सामने आया कि बालिका के दो बड़े भाई नहीं है। 2 छोटे भाई है। जबकि उसने दो शादीशुदा भाइयों को जयपुर में रहना बताया था।काउंसलिंग के दौरान बालिका अपना घर भी नहीं पहचान रही थी। बालिका 1 रात व 1 दिन घर से गायब रही।

बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पर पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बालिका के आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ की। दोपहर 12 बजे नयापुरा नेहरू पार्क के पास 11 साल की बालिका बैठी थी।बालिका का मेडिकल करवाया था।

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