कर्नाटक के Mysuru शहर में एक नागरिक पहल के तहत सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर अनोखा प्रयोग किया गया है। व्यस्त इलाके की एक दीवार पर बड़े शीशे (मिरर) लगाए गए हैं, ताकि खुले में पेशाब करने की समस्या पर रोक लगाई जा सके।
स्थानीय प्रशासन और नागरिक समूहों की इस पहल का उद्देश्य लोगों में जागरूकता लाना और उन्हें अपने व्यवहार पर “आत्म-चिंतन” करने के लिए प्रेरित करना है। अधिकारियों का मानना है कि जब व्यक्ति खुद को सार्वजनिक स्थान पर देखता है, तो वह अपनी आदतों पर अधिक गंभीरता से सोचता है।
इस कदम के बाद इलाके में खुले में पेशाब करने की घटनाओं में कमी देखने की बात कही जा रही है। लोग इस पहल को रचनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावी उपाय मान रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह प्रयोग पहले से चली आ रही स्वच्छता समस्या को हल करने में मददगार साबित हो रहा है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह तरीका व्यवहार परिवर्तन के लिए एक अलग और सोचने पर मजबूर करने वाला कदम है।
शहरी प्रशासन का कहना है कि इस तरह की पहल स्वच्छ भारत मिशन जैसे अभियानों को भी मजबूती देती है और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने में मदद करती है।
फिलहाल यह प्रयोग चर्चा का विषय बना हुआ है और अन्य शहरों में भी इस तरह की पहल अपनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

