डीके शिवकुमार का बयान, वीडियो में बोले- रामायण में सीता का चरित्र भगवान राम से कहीं बड़ा, महिलाओं को नेतृत्व की जरूरत
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को महिलाओं की भूमिका और नेतृत्व क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि रामायण में सीता का चरित्र भगवान राम से कहीं बड़ा है। वह बेंगलुरु में आयोजित ‘टुगेदर वी ग्रो इंटरनेशनल वुमन एंटरप्रेन्योरशिप डे’ के पांचवें संस्करण के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन उबंटू कंसोर्टियम ऑफ वुमन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन की ओर से किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में निर्माण करने और समाज को आगे बढ़ाने की अद्भुत क्षमता होती है। उन्हें ग्राम पंचायतों से लेकर संसद तक नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए।
महिलाओं को नेतृत्व में आगे आने की अपील
डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार और समाज की जिम्मेदारी नहीं संभालतीं, बल्कि आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।उन्होंने महिला उद्यमियों से आगे बढ़कर नेतृत्व संभालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा, “महिलाएं निर्माण करती हैं। उन्हें संसद तक नेतृत्व संभालना चाहिए। सरकार पूरा साथ देगी।”
महिलाओं की क्षमता को अवसर देने की जरूरत
शिवकुमार ने कहा कि जब महिलाओं की रचनात्मकता, क्षमता और दृढ़ संकल्प को पूंजी, तकनीक और बाजार तक पहुंच मिलती है, तो उनकी उपलब्धियों की कोई सीमा नहीं रह जाती।उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां महिलाएं अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी जरूरी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं का नेतृत्व समाज के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है।उन्होंने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए नीतियों और योजनाओं के जरिए लगातार काम किया जा रहा है।
महिला उद्यमिता से बढ़ेगा राज्य का विकास
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की भूमिका पर चर्चा करते हुए शिवकुमार ने कहा कि जब महिलाएं व्यवसाय और नवाचार के क्षेत्र में आगे आती हैं, तो इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सुविधाएं और बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।डीके शिवकुमार का यह बयान महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण को लेकर दिए गए उनके संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रामायण से जुड़े उनके बयान पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है।

