बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर बड़ी लापरवाही! लिफ्ट में फंसे रहे बुजुर्ग मां-बाप, मदद की गुहार लगाती रही बेटी मगर...जानें पूरा मामला
बुजुर्ग लोग काफी देर तक बेंगलुरु एयरपोर्ट की लिफ्ट में फंसे रहे। जब बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मौजूद उनकी बेटी ने मदद के लिए फोन करना चाहा तो वह परेशान हो गई क्योंकि वह किसी को फोन नहीं कर पा रही थी। एक बुजुर्ग दम्पति अपनी बेटी के साथ अपने परिवार के एक सदस्य को केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर छोड़ने गए थे, लेकिन जब वे लिफ्ट से नीचे उतरने लगे तो लिफ्ट अचानक झटके के साथ रुक गई।
@BLRAirport Thanks for the call. Mr. Guru was probably the only professional who empathised and spoke to me with courtesy about the situation. The least I expect in a place like T2 is uninterrupted lift service. How can you have a lapse/break in power supply for an elevator?
— Macqueline Fernandez (@Macqueline1) April 8, 2025
परिवार के सदस्य मैकलीन फर्नांडीज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना के बारे में लिखा। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए मैकलीन फर्नांडीज ने कहा कि यह एक "भयानक" अनुभव था, खासकर जब लिफ्ट खतरनाक तरीके से चल रही थी। इससे भी अधिक डरावनी बात यह थी कि लिफ्ट के अंदर कोई फोन नहीं था और मदद के लिए लिफ्ट पर दिया गया नंबर भी नहीं बज रहा था।
बार-बार फोन करने पर...
इसके बाद टर्मिनल मैनेजर के नंबर पर बार-बार कॉल करने पर कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन उनकी शिकायत को बहुत हल्के में लिया गया और कहा गया, "हम इसकी जांच कर रहे हैं, बिजली कट गई है।" उन्होंने यह भी नहीं बताया कि बिजली कब तक आएगी और लिफ्ट कब चालू होगी।
लिफ्ट में कोई फोन नहीं था
मैकलीन फर्नांडीज ने कहा, "मैं अपने माता-पिता को समझाने और शांत करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैं खुद बहुत डरी हुई थी।" वह इस बात को लेकर चिंतित थी कि कब कोई मदद के लिए आएगा और लिफ्ट में कोई टेलीफोन भी नहीं था। फोन उपलब्ध न होने पर कई समस्याएं हो रही थीं।
लगभग 15 मिनट के बाद लिफ्ट चलना शुरू हो गई। जब परिजन बाहर आए तो उन्हें न तो कोई सहानुभूति मिली और न ही उनसे बुजुर्ग के बारे में पूछा गया। जब परिवार लिफ्ट से बाहर निकला तो एक तकनीशियन और दो सुरक्षा गार्ड वहां खड़े थे। गार्ड और तकनीशियन ने यह भी नहीं पूछा कि परिवार कैसा है। हालाँकि, बाद में हवाई अड्डे ने फोन करके माफ़ी मांगी।

