बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच लगभग 635 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करने में अभी तक यात्रियों को करीब 12 घंटे का समय लग जाता था। इसका मुख्य कारण सीधा एक्सप्रेसवे न होना और पुराने मार्ग का भीड़-भाड़ वाले कस्बों, शहरों और ट्रक ट्रैफिक से प्रभावित होना था।
पुराने रूट में कई जगहों पर तीखे मोड़, घनी आबादी वाले इलाके और भारी वाहनों की अधिकता के कारण औसत गति काफी कम हो जाती थी, जिससे यात्रा समय बढ़ जाता था। खासकर लॉजिस्टिक्स और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
अब इस समस्या को दूर करने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर के विकास के बाद इस मार्ग पर यात्रा समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संरचना, बाईपास और सीमित प्रवेश बिंदुओं के कारण वाहनों को बिना रुकावट के तेज गति से चलने की सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। ट्रक और लॉजिस्टिक सेवाओं के लिए यह मार्ग अधिक तेज और किफायती साबित होगा।
सड़क परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एक्सप्रेसवे से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होती है और आसपास के छोटे शहरों के विकास को भी गति मिलती है।
फिलहाल इस परियोजना को दक्षिण भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।

