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बेंगलुरु में बड़ा निवेश घोटाला: ‘जॉन्स एसेट’ कंपनी पर 200 करोड़ की ठगी का आरोप, 300 से ज्यादा लोग शिकार

बेंगलुरु में बड़ा निवेश घोटाला: ‘जॉन्स एसेट’ कंपनी पर 200 करोड़ की ठगी का आरोप, 300 से ज्यादा लोग शिकार

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें ‘जॉन्स एसेट’ नामक कंपनी पर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घोटाले में 300 से अधिक निवेशक प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने अधिक रिटर्न के लालच में कंपनी में अपनी पूंजी लगाई थी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कंपनी का मुख्य संचालक स्टीफन आर्थर बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

निवेश के नाम पर बड़ा खेल

जानकारी के अनुसार, ‘जॉन्स एसेट’ कंपनी ने निवेशकों को आकर्षक स्कीमों का लालच दिया था। कंपनी ने दावा किया था कि वह रियल एस्टेट, शेयर बाजार और अन्य वित्तीय क्षेत्रों में निवेश कर उच्च रिटर्न दिला सकती है। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को लाभ भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और उन्होंने बड़ी रकम निवेश कर दी।

हालांकि, कुछ समय बाद जब निवेशकों ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो कंपनी ने भुगतान में देरी शुरू कर दी। धीरे-धीरे कार्यालय बंद होने लगे और संपर्क सूत्र भी टूटने लगे, जिसके बाद लोगों को ठगी का शक हुआ।

पुलिस में दर्ज हुई शिकायतें

घटना सामने आने के बाद बेंगलुरु के अलग-अलग थानों में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर इसे एक सुनियोजित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला माना है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी ने एक संगठित तरीके से निवेशकों को फंसाया और बाद में करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई।

पुलिस ने कंपनी के बैंक खातों, संपत्तियों और डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस घोटाले में और लोग भी शामिल हैं।

निवेशकों में आक्रोश और डर का माहौल

घोटाले के सामने आने के बाद निवेशकों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत इस योजना में लगा दी थी। कुछ निवेशकों का कहना है कि उन्हें लगातार झूठे वादों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भरोसे में लिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच होती तो इतने बड़े पैमाने पर नुकसान को रोका जा सकता था।

जांच तेज, गिरफ्तारी की कोशिश जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को जांच सौंपी जा सकती है। स्टीफन आर्थर की तलाश में तकनीकी निगरानी और बैंक ट्रांजेक्शन ट्रैकिंग की मदद ली जा रही है।

प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और अत्यधिक लाभ के वादों से सतर्क रहें।

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