बेंगलुरु सेंट्रल जेल में फिर वायरल हुआ पार्टी वीडियो, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
बेंगलुरु सेंट्रल जेल से एक और वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। वायरल वीडियो में कैदी जेल परिसर के भीतर शराब, स्नैक्स और कटे फलों के साथ पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कैदी एक-दूसरे के साथ नाचते और मस्ती करते नजर आ रहे हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर जेल में सुरक्षा और अनुशासन की क्या स्थिति है।
वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि डिस्पोजेबल गिलासों में शराब भरी हुई है, फलों की प्लेटें सजी हुई हैं और तली मूंगफली जैसी स्नैक्स भी टेबल पर रखी गई हैं। इस बीच, चार छोटी शराब की बोतलें भी टेबल पर रखी हुई हैं, जो जेल में अनुशासनहीनता और नियमों की अवहेलना की ओर इशारा करती हैं। यह घटना जेल प्रशासन के लिए शर्मिंदगी का विषय बन गई है और इसे लेकर जनता और अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है।
यह पहला मामला नहीं है जब बेंगलुरु सेंट्रल जेल में अनुशासनहीनता की खबरें सामने आई हैं। इससे पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आईएसआईएस आतंकवादी और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में शामिल कई कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते और टीवी देखते नजर आए थे। उस वीडियो ने भी जेल प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक आलोचना हुई थी।
nullAnother master piece !!
— अखंड भारत 🪷🇮🇳 (@FlyingBees28) November 9, 2025
Alleged video from the Bengaluru central jail.
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राज्य सरकार और गृह विभाग के अधिकारियों ने इस बार भी मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जेल में कथित अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त की है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने तुरंत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) बी. दयानंद से पूरी रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जेल में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों में इस तरह की घटनाओं का सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। जेल प्रशासन न केवल कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जवाबदेह बनाना भी इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि जेल में ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करता है, बल्कि अपराधियों के पुनर्वास की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाता है।
जेल अधिकारियों ने फिलहाल वायरल वीडियो के मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि वीडियो में दिख रहे सभी पहलुओं की सत्यता की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेल में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के उपायों को और अधिक कड़ा करने की तैयारी भी की जा रही है।

