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धनबाद की सड़कों पर दौड़ने वाले कॉमर्शियल वाहनों से वसूला जाएगा टैक्स, नगर निकायों से मांगा गया ब्योरा

धनबाद की सड़कों पर दौड़ने वाले कॉमर्शियल वाहनों से वसूला जाएगा टैक्स, नगर निकायों से मांगा गया ब्योरा

धनबाद शहर की सड़कों पर चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों पर अब टैक्स लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निकायों को पत्र भेजकर शहर से गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों की संख्या का ब्योरा मांगा है।विभाग ने नगर निकायों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र से गुजरने वाले कॉमर्शियल वाहनों की जानकारी जुटाकर उपलब्ध कराएं। इसके बाद वाहनों पर टैक्स लगाने की व्यवस्था तैयार की जा सकती है।

शहर में आने-जाने वाले वाहनों की होगी गिनती

नगर विकास विभाग की ओर से भेजे गए निर्देश के बाद धनबाद नगर निगम अब शहर में प्रवेश करने और गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों का आंकड़ा जुटाने की तैयारी में है।इसमें ट्रक, बस, मालवाहक वाहन, यात्री वाहन और अन्य कॉमर्शियल वाहनों को शामिल किया जा सकता है। विभाग यह पता लगाना चाहता है कि प्रतिदिन कितने व्यावसायिक वाहन नगर निकाय क्षेत्र की सड़कों का इस्तेमाल करते हैं।

सड़क और शहरी सुविधाओं पर खर्च होगा राजस्व

नगर निकायों का तर्क है कि कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही से सड़कों पर दबाव बढ़ता है और रखरखाव की लागत भी बढ़ती है। ऐसे में टैक्स से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल शहरी सुविधाओं और सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।हालांकि, टैक्स लागू होने से पहले इसकी दर, नियम और वसूली की प्रक्रिया तय की जाएगी।

परिवहन कारोबारियों की बढ़ सकती है चिंता

कॉमर्शियल वाहन संचालकों पर नया टैक्स लागू होने की स्थिति में इसका असर परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है। वाहन मालिकों का कहना है कि पहले से ही ईंधन, परमिट, बीमा और अन्य खर्चों का बोझ है, ऐसे में अतिरिक्त टैक्स से आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।अब नगर निगम की ओर से वाहनों की संख्या और श्रेणी से जुड़ी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी नजर

धनबाद जैसे औद्योगिक शहर में बड़ी संख्या में भारी और व्यावसायिक वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सरकार की यह पहल सिर्फ राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और सड़क प्रबंधन से भी जुड़ी मानी जा रही है।फिलहाल नगर निकायों को मिले निर्देश के बाद आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। टैक्स व्यवस्था लागू होने पर इसका सीधा असर शहर में आने-जाने वाले कॉमर्शियल वाहन मालिकों पर पड़ेगा।

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