छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने किया रांची घेराव का ऐलान, 11 सितंबर को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचने की अपील
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि 11 सितंबर को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रस्तावित आंदोलन में शामिल हों।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अब आवाज उठाने का समय आ गया है। उन्होंने छात्रों से एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की अपील की।
परीक्षाओं में गड़बड़ी का लगाया आरोप
छात्र नेता का आरोप है कि झारखंड में आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महतो ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में रांची पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाएं।
सोशल मीडिया के जरिए भी जुटाए जा रहे छात्र
देवेंद्रनाथ महतो की ओर से आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी छात्रों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने अलग-अलग जिलों के छात्रों से रांची पहुंचने की अपील की है।
छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और कथित धांधली जैसे मुद्दे लंबे समय से युवाओं के बीच चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
प्रशासन की नजर आंदोलन पर
11 सितंबर को प्रस्तावित रांची घेराव को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों की ओर से भी संभावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
प्रशासन की कोशिश होगी कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
युवाओं के मुद्दों पर सियासी हलचल
झारखंड में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहे हैं। छात्र आंदोलनों का असर कई बार प्रदेश की राजनीति पर भी दिखाई देता रहा है।
अब देखना होगा कि 11 सितंबर को होने वाले इस प्रदर्शन में कितने छात्र शामिल होते हैं और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।

