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रांची जेल में गंभीर आरोप: महिला कैदी से यौन उत्पीड़न मामले की जांच शुरू, पीड़िता से पूछताछ; भूख हड़ताल पर कैदी

रांची स्थित एक जेल में महिला कैदी के साथ कथित दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के मामले ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन किया गया है, जिसने जेल परिसर में पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। टीम ने इस दौरान पीड़िता से भी विस्तृत पूछताछ की है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।  सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की आवाजाही और संबंधित समयावधि में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।  इस बीच, पीड़िता के साथ कथित यौन हमलों की घटनाओं से व्यथित होकर महिला कैदी ने रविवार से भोजन करना बंद कर दिया है। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने चिकित्सकीय निगरानी भी बढ़ा दी है।  मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और जेलों के भीतर महिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जेल जैसे संवेदनशील स्थानों में इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।  वहीं, प्रशासन का दावा है कि जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर कदम उठाए जाते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्थागत खामियों की ओर संकेत करती हैं, जिनकी गहन समीक्षा जरूरी है।  फिलहाल, जांच टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर जेलों में बंद महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

रांची स्थित एक जेल में महिला कैदी के साथ कथित दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के मामले ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम का गठन किया गया है, जिसने जेल परिसर में पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। टीम ने इस दौरान पीड़िता से भी विस्तृत पूछताछ की है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों की आवाजाही और संबंधित समयावधि में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

इस बीच, पीड़िता के साथ कथित यौन हमलों की घटनाओं से व्यथित होकर महिला कैदी ने रविवार से भोजन करना बंद कर दिया है। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने चिकित्सकीय निगरानी भी बढ़ा दी है।

मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और जेलों के भीतर महिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जेल जैसे संवेदनशील स्थानों में इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

वहीं, प्रशासन का दावा है कि जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समय-समय पर कदम उठाए जाते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्थागत खामियों की ओर संकेत करती हैं, जिनकी गहन समीक्षा जरूरी है।

फिलहाल, जांच टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर जेलों में बंद महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

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