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Ranchi Ration Scam: रांची में सरकारी राशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 6556 परिवारों पर उठे सवाल; 6 लाख से अधिक है सालाना आय

Ranchi Ration Scam: रांची में सरकारी राशन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, 6556 परिवारों पर उठे सवाल; 6 लाख से अधिक है सालाना आय

रांची जिले में सरकारी राशन योजना का लाभ लेने वाले परिवारों की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के तहत मिलने वाले राशन का लाभ ऐसे हजारों परिवारों द्वारा लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनकी सालाना आय निर्धारित सीमा से अधिक है। जांच में सामने आया कि रांची जिले में 6556 ऐसे परिवार हैं, जिनकी सालाना आय छह लाख रुपये से अधिक है, इसके बावजूद वे सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे।

दरअसल, सरकार की ओर से पात्र परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए लाभुक परिवारों की पात्रता और आय से जुड़े मानदंड तय किए गए हैं। ऐसे में निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले परिवारों के सरकारी राशन योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।

आय के आंकड़ों से सामने आया मामला

सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आय के आंकड़ों के सत्यापन के दौरान इन परिवारों की जानकारी सामने आई। जांच में पाया गया कि इन परिवारों के सदस्यों की सालाना आय छह लाख रुपये की निर्धारित सीमा से अधिक है। इसके बावजूद परिवार जन वितरण प्रणाली से मिलने वाले राशन का लाभ उठा रहे थे।

अधिकारियों के स्तर पर अब इन आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है। आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और लाभुकों से संबंधित अन्य दस्तावेजों की जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पात्रता से अधिक आय वाले परिवार किस तरह योजना में शामिल हुए।

राशन कार्ड की पात्रता की होगी जांच

मामला सामने आने के बाद संबंधित लाभुकों की पात्रता की दोबारा जांच किए जाने की संभावना है। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी परिवार ने गलत जानकारी देकर राशन कार्ड बनवाया या पात्रता नहीं होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लिया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग की ओर से ऐसे मामलों में राशन कार्ड की स्थिति की समीक्षा भी की जा सकती है। साथ ही गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ लेने वाले परिवारों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर

सरकारी राशन योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्र लोगों के योजना में शामिल होने से वास्तविक लाभुकों तक सरकारी सहायता पहुंचने में परेशानी हो सकती है। यही वजह है कि समय-समय पर लाभुकों के दस्तावेज और पात्रता का सत्यापन किया जाता है।

रांची में सामने आए 6556 मामलों के बाद सरकारी राशन व्यवस्था में पात्रता जांच और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान बढ़ सकता है। अब संबंधित विभाग की जांच और सत्यापन के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन परिवारों में कितने लोग वास्तव में अपात्र पाए जाते हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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