नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत तेज, बाबूलाल मरांडी ने विशेष सत्र की मांग की; झामुमो का पलटवार
बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राज्य की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।
मरांडी का कहना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून पर राज्य में गंभीर चर्चा होनी चाहिए और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस रणनीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्ट रुख अपनाने की भी मांग की।
वहीं, इस बयान पर सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री के पास “निरर्थक सवालों” के लिए समय नहीं है और सरकार जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर काम कर रही है।
झामुमो नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के मुद्दे उठा रहा है, जबकि सरकार जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो उचित समय पर इस विषय पर विचार किया जाएगा।
इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ है।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं, जिससे यह साफ है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक टकराव अभी जारी रहेगा।

