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झारखंड में नदी पार करते समय बड़ा हादसा, तेज बहाव में आदिवासी दंपति समेत 2 की मौत; महिला लापता

झारखंड में नदी पार करते समय बड़ा हादसा, तेज बहाव में आदिवासी दंपति समेत 2 की मौत; महिला लापता

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में बारिश के बीच नदी पार करना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। कोयना नदी में अचानक तेज हुए बहाव की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला के लापता होने की खबर है। हादसा उस समय हुआ, जब आदिवासी दंपति अपने एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद घर लौट रहा था। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से रास्ते में मौजूद लोग तेज धारा में बह गए।

अंतिम संस्कार से लौटते समय हादसा

बताया जा रहा है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाके में रहने वाला आदिवासी दंपति अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। कार्यक्रम पूरा होने के बाद दोनों वापस अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें कोयना नदी पार करनी थी।

नदी पार करते समय अचानक जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव काफी तेज हो गया। देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। नदी की तेज धारा की चपेट में आने से तीन लोग बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव की कोशिश शुरू की।

दो लोगों के शव बरामद

हादसे की सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी गई। इसके बाद बचाव दल ने नदी और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं एक महिला का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।

लापता महिला की तलाश के लिए नदी के किनारे और आसपास के संभावित स्थानों पर अभियान चलाया जा रहा है। तेज बहाव के कारण राहत और बचाव टीमों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर

स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के बाद कोयना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। नदी में पानी बढ़ने के साथ बहाव भी काफी तेज हो गया। ऐसे में नदी पार करना बेहद जोखिम भरा हो गया था।

ग्रामीण इलाकों में कई जगह लोग रोजमर्रा के काम और आवागमन के लिए नदी और छोटी धाराओं को पार करते हैं। बारिश के मौसम में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण ऐसे रास्ते खतरनाक हो जाते हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों को उफनती नदियों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

परिवार में पसरा मातम

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अंतिम संस्कार से लौट रहे परिवार के साथ हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ग्रामीण भी घटना को लेकर दुखी हैं और लापता महिला के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जानकारी जुटा रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

बारिश में नदी पार करने से बचने की अपील

बारिश के मौसम में नदी और नालों का जलस्तर कभी भी तेजी से बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में ऊपर हुई बारिश का असर कुछ ही समय में नीचे बहने वाली नदियों पर दिखाई देता है। ऐसे में नदी का पानी कम दिखाई देने पर भी उसे पार करना खतरनाक हो सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि तेज बहाव वाली नदी को पैदल या किसी अस्थायी रास्ते से पार करने की कोशिश न करें। पश्चिमी सिंहभूम की यह घटना एक बार फिर बताती है कि मानसून के दौरान नदियों और तेज धाराओं को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।

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