झारखंड में नदियों में जहरीला कचरा डालने पर होगी जेल, 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
झारखंड में नदियों और बाढ़ के मैदानों को प्रदूषण से बचाने के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान सामने आया है। नदियों में खतरनाक, जहरीला, बायोमेडिकल या औद्योगिक कचरा डालने, नदी का प्रवाह बाधित करने और बाढ़ से सुरक्षा के लिए बने ढांचे के साथ छेड़छाड़ करने पर जेल या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रावधान के मुताबिक, ऐसे उल्लंघन के मामलों में दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा, अपराध की प्रकृति के अनुसार दो लाख से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य नदियों को प्रदूषण से बचाने के साथ-साथ बाढ़ के मैदानों और सुरक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है।
नदियों में कचरा डालने पर सख्ती
नदियों में खतरनाक और जहरीले कचरे का निपटान पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। बायोमेडिकल कचरे और औद्योगिक अपशिष्ट के अनुचित निपटान से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे जलीय जीवों और नदी पर निर्भर लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
इसी तरह, नदी के प्राकृतिक प्रवाह को रोकना या उसमें बाधा डालना भी गंभीर समस्या बन सकता है। नदी के प्रवाह में अनधिकृत हस्तक्षेप से जल निकासी प्रभावित हो सकती है और बाढ़ के दौरान जोखिम बढ़ सकता है।
बाढ़-सुरक्षा ढांचे से छेड़छाड़ पर भी कार्रवाई
नदियों और बाढ़ के मैदानों की सुरक्षा के लिए बने ढांचे के साथ छेड़छाड़ करने पर भी दंड का प्रावधान बताया गया है। ऐसे ढांचे बाढ़ के प्रभाव को कम करने और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके साथ अनधिकृत छेड़छाड़ से सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
नदियों में कचरा डालने, प्रवाह बाधित करने और बाढ़-सुरक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई से पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस प्रावधान से संबंधित कानून या अधिसूचना का नाम और इसके लागू होने की तारीख स्पष्ट नहीं है। इसलिए जुर्माने और सजा के प्रावधान की कानूनी पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

