झारखंड में JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, फुटेज में जाने सरकार से 15 सितंबर तक मांगा जवाब
झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार से 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत के इस आदेश के बाद JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है।हाईकोर्ट ने इसके साथ ही फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्तियां रद्द करने वाले सरकारी आदेश पर भी रोक लगा दी है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद की गई थीं और बाद में सरकार के फैसले के कारण उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए थे।
दरअसल, झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बाद 17 अगस्त को JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की कुल 22 परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि इन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। इसके बाद सरकार ने विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था।सरकार के इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। परीक्षा रद्द होने से उन उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ने की आशंका थी, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी। कई अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले के खिलाफ न्यायिक रास्ता अपनाया और हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल कीं।
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले पर तत्काल रोक लगा दी। अदालत ने राज्य सरकार से पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। सरकार को 15 सितंबर तक जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी और अदालत उपलब्ध दस्तावेजों तथा सरकार के जवाब के आधार पर इस विवाद पर आगे फैसला कर सकती है।फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्तियों से जुड़े मामले में भी हाईकोर्ट का आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों और अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि, नियुक्तियों की अंतिम स्थिति मामले की आगे होने वाली सुनवाई और अदालत के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी।
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर झारखंड में पहले भी सवाल उठते रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थी लगातार सरकार से स्पष्टता की मांग करते रहे हैं। ऐसे में 22 परीक्षाओं को एक साथ रद्द किए जाने के फैसले ने विवाद को और बढ़ा दिया था।अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकार को 15 सितंबर तक अपना जवाब देना होगा। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि राज्य सरकार किन आधारों पर परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले का बचाव करती है। फिलहाल अदालत की रोक के कारण JPSC परीक्षा रद्द करने का सरकारी आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।

