बताया गया कि ये खोखे पुलिस ने आपराधिक गिरोहों एवं नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन और पुलिस बलों द्वारा फायरिंग प्रैक्टिस के बाद इकट्ठा किये गये हैं। फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान जितनी गोलियों का उपयोग होता है, उनके खोखे गिनकर रखे जाते हैं। मुठभेड़ के बाद भी प्रत्येक खोखे की बरामदगी का पुलिस हिसाब रखती है। 2015 से लेकर अब तक इकट्ठा किये गये खोखे की अब नीलामी की जा रही है। नीलामी के लिए 29 दिसंबर की तारीख तय की गयी है। झारखंड पुलिस के आईजी प्रोविजन प्रभात कुमार की ओर से जारी टेंडर नोटिस में कहा गया है कि 22 एवं 23 दिसंबर को पांच लाख रुपये के ड्राफ्ट के साथ टेंडर भरा जा सकता है। इसके पहले झारखंड पुलिस ने 2015 में लगभग 600 क्विंटल खोखे की नीलामी की थी। पीतल के मौजूदा बाजार भाव की बात की जाये तो यह लगभग 400 रुपये प्रति किलोग्राम है। जाहिर है, अगर बाजार भाव से पीतल के खोखों की नीलामी हुई तो झारखंड पुलिस को 3 करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व प्राप्त हो सकता है।
--आईएएनएस
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