9 दिन बाद भी डिफ्यूज नहीं हो पाया झारखंड की जमीन से निकला सेकंड वर्ल्ड वार का बम… सेना करेगी ‘बंकर तकनीक’ का इस्तेमाल
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मिला द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) का विशालकाय बम अब भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला यह बम 9 दिन बाद भी पूरी तरह से डिफ्यूज नहीं किया जा सका है।
सूत्रों के अनुसार, बम की अत्यधिक वजन और उसकी संवेदनशील संरचना के कारण अब तक सामान्य तकनीकों से इसे निष्क्रिय करना संभव नहीं हो पाया है। इसी वजह से इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और लोगों को आसपास जाने से सख्त मनाही है।
🚨 सेना ने बदली रणनीति
भारतीय सेना ने अब इस बम को निष्क्रिय करने के लिए ‘बंकर तकनीक’ का उपयोग करने का निर्णय लिया है। इस तकनीक के तहत बम को सुरक्षित रूप से घेरकर नियंत्रित वातावरण में डिफ्यूज करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
😨 इलाके में तनाव, सुरक्षा कड़ी
लगातार कई दिनों से चल रही इस कार्रवाई के कारण स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा है और लोगों को अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

