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जंगलों के बीच रेल पटरी पर हाथियों की दस्तक, दो रेलखंडों पर थमा ट्रेनों का परिचालन

Jharkhand Elephant Alert: जंगलों के बीच रेल पटरी पर हाथियों की दस्तक, दो रेलखंडों पर थमा ट्रेनों का परिचालन

झारखंड में जंगलों के बीच से गुजरने वाली रेल पटरियों पर हाथियों की आवाजाही अब ट्रेनों के परिचालन के लिए चुनौती बनती जा रही है। पिछले 24 घंटे में राज्य के दो अलग-अलग रेलखंडों पर हाथियों के ट्रैक पर पहुंचने के कारण ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा। हाथियों की सुरक्षा और किसी संभावित हादसे को रोकने के लिए रेलवे ने एहतियाती कदम उठाते हुए ट्रेनों की रफ्तार पर रोक लगाई। जंगल और वन क्षेत्र से होकर गुजरने वाले रेल मार्गों पर हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के घटनाक्रम ने एक बार फिर रेलवे और वन विभाग के सामने चुनौती बढ़ा दी है। ट्रैक पर हाथियों के आने की सूचना मिलते ही ट्रेन संचालन को नियंत्रित करना पड़ा, ताकि वन्यजीवों के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।

दो रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड के दो रेलखंडों पर हाथियों के ट्रैक पर आने की सूचना मिली। इसके बाद संबंधित रेल अधिकारियों को तत्काल अलर्ट किया गया और ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया।हाथियों के ट्रैक से सुरक्षित रूप से हटने के बाद ही रेल परिचालन बहाल किया गया इस दौरान कुछ ट्रेनों को रोककर रखा गया, जबकि कुछ ट्रेनों की गति नियंत्रित किए जाने की संभावना रही। रेलवे की ओर से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

हाथियों की सुरक्षा प्राथमिकता

रेलवे और वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती हाथियों और रेल यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। तेज रफ्तार ट्रेनों की चपेट में आने से हाथियों की मौत की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं। ऐसे में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ट्रेन संचालन को रोकना या गति कम करना जरूरी हो जाता है।वन विभाग की टीमें भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं। हाथियों के झुंड की लोकेशन की जानकारी रेलवे के साथ साझा किए जाने से ट्रेनों को समय रहते नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

जंगलों से गुजरते हैं कई रेल मार्ग

झारखंड के कई रेलखंड घने जंगलों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। इन इलाकों में हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के झुंड कई बार अपने पारंपरिक रास्तों से गुजरते हुए रेल पटरी तक पहुंच जाते हैं।ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी यात्रियों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है। इसी वजह से संवेदनशील रेलखंडों पर रेलवे को

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