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GST घोटाले में ED का खुलासा, कागजों पर खड़ी की गईं 135 शेल कंपनियां

GST घोटाले में ED का खुलासा, कागजों पर खड़ी की गईं 135 शेल कंपनियां

जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने जांच के दौरान बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी के अनुसार, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), जमशेदपुर की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच आगे बढ़ने पर कथित जीएसटी फर्जीवाड़े में एक संगठित सिंडिकेट की भूमिका सामने आई है।

ईडी के मुताबिक, जांच में पता चला कि इस सिंडिकेट ने कागजों पर 135 शेल और बोगस कंपनियां खड़ी की थीं। इन कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी कारोबारी गतिविधियां दिखाने और जीएसटी से संबंधित दस्तावेज तैयार करने के लिए किया गया। एजेंसी अब इन कंपनियों के गठन, उनके बैंक खातों और आपस में हुए लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसी फर्जी कंपनियों के जरिए वास्तविक कारोबार किए बिना कागजों पर लेनदेन दिखाया जा सकता है। इसके माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े फर्जी दावे करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की आशंका रहती है। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि 135 कंपनियों को किस तरह संचालित किया गया और इनके पीछे कौन-कौन लोग थे।

DGGI की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

ईडी ने बताया कि मामले में कार्रवाई की शुरुआत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस, जमशेदपुर की शिकायतों के आधार पर हुई। शिकायतों में जीएसटी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और बोगस कंपनियों के नेटवर्क से संबंधित जानकारी सामने आई थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान कंपनियों के दस्तावेज, कारोबारी रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई। इसी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में शेल और बोगस कंपनियों के नेटवर्क का पता चलने की बात ईडी ने कही है।

लेनदेन और नेटवर्क की जांच जारी

अब जांच का फोकस इस बात पर है कि इन कंपनियों के जरिए कितने का लेनदेन किया गया और कथित घोटाले से सरकारी राजस्व को कितना नुकसान हुआ। एजेंसी कंपनियों से जुड़े लोगों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

ईडी की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कथित जीएसटी घोटाले की पूरी रकम, आरोपियों की भूमिका और फर्जी कंपनियों के नेटवर्क का विस्तृत खुलासा हो सकेगा। फिलहाल एजेंसी मामले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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