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रांची में देवेंद्र महतो को तिरंगा यात्रा से रोका, पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप; अस्पताल में बिगड़ा माहौल

रांची में देवेंद्र महतो को तिरंगा यात्रा से रोका, पुलिस से धक्का-मुक्की का आरोप; अस्पताल में बिगड़ा माहौल

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झारखंड की राजधानी रांची में छात्र आंदोलन के बीच उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया गया। महतो रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं और वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा तथा ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे।

अस्पताल से बाहर निकलने से पुलिस ने रोका

रिपोर्टों के मुताबिक देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश की। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और महतो के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं।

महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिसके दौरान उनके सीने में चोट लगी। उन्होंने घटना के बाद चिकित्सकीय जांच और इलाज की बात भी कही।

लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं महतो

देवेंद्र नाथ महतो JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन से जुड़े हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

स्वतंत्रता दिवस पर आंदोलनकारी छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकालने की योजना बनाई थी। महतो भी इसमें शामिल होना चाहते थे।

डॉक्टरों ने स्वास्थ्य का हवाला दिया

दूसरी ओर, अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण महतो की स्वास्थ्य स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जा सके। डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखने की जरूरत बताई।

यही वजह बताकर उन्हें तिरंगा यात्रा में जाने से रोके जाने की बात सामने आई है। वहीं महतो और उनके समर्थकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया।

घटना के बाद बढ़ा विवाद

घटना के बाद सदर अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस बल की तैनाती की गई और समर्थकों की भीड़ को नियंत्रित किया गया। महतो की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं और कार्रवाई की मांग की गई है।

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। तिरंगा यात्रा से रोकने और कथित धक्का-मुक्की की घटना ने छात्र आंदोलन को लेकर चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष का इंतजार है।

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