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Devghar सेटेलाइट सर्वे में खुलासा 4 साल में 1.33 वर्ग किमी सरफेस फायर पर नियंत्रण

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, झारखण्ड न्यूज़ डेस्क काेयला सचिव डॉ अनिल कुमार जैन की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी की पहली बैठक दिल्ली में मंगलवार को हुई, जिसमें झरिया पुनर्वास योजना की अब तक की प्रगति की समीक्षा की गई। बीसीसीएल प्रबंधन ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। बीसीसीएल ने बताया कि हैदराबाद की इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसराे) की इकाई नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) द्वारा सैटेलाइट सर्वे कराया गया है।

सर्वे में स्पष्ट हुआ कि बहुत हद तक सरफेस एरिया में आग पर काबू पाने में सफलता मिली है। 4 साल पहले झरिया और आसपास के 3.2 वर्ग किलोमीटर सरफेस एरिया में आग थी, जो घटकर 1.89 वर्ग किमी सरफेस एरिया में रह गई है। कोयला उत्खनन के माध्यम से 4 सालों में 1.33 वर्ग किमी सरफेस एरिया में आग पर काबू पाया जा सका है।

बाकी बचे सरफेस एरिया में आग पर काबू पाने को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से प्रयास किया जा रहा है। बीसीसीएल की ओर से बताया गया कि डीसी रेललाइन में सेंद्रा, बांसजाेड़ा, फुलारीटांड़, लोदना एरिया में नॉर्थ तिसरा व साउथ तिसरा, कुजामा, जियालगाेरा, बरारी, वासदेवपुर, केसलपुर, सिजुआ, जोगता आदि क्षेत्र में अब भी आग है।

कोयला उत्खनन को लेकर सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हाई पावर कमेटी ने निर्णय लिया कि 7-10 दिनों के अंदर 5 सदस्यीय केंद्रीय टीम धनबाद का दौरा करेगी, जिसमें झरिया और आसपास के क्षेत्रों में अग्नि व भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर आग की स्थिति और खतरनाक जोन का आकलन करेगी कि कितने परिवार असुरक्षित हैं।

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