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केंद्र सरकार के ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान’ का समापन, 32.77 लाख लोगों को लाभ

केंद्र सरकार द्वारा चलाया गया ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान’ सफलतापूर्वक समापन को पहुँच गया। इस अभियान के दौरान 32.77 लाख लोगों को लाभ पहुंचाया गया और महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच व सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।  अभियान का उद्देश्य  अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य जागरूक बनाना और उन्हें सशक्त करना था। विशेष रूप से गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और पहचान पर जोर दिया गया।  जांच की गई बीमारियां  अभियान के दौरान महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों में निम्न बीमारियों की स्क्रीनिंग और जाँच की गई:  कैंसर  उच्च रक्तचाप  मधुमेह (डायबिटीज)  टीबी  सिकल सेल एनीमिया  स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ  अभियान के तहत लाखों लोगों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इससे न केवल बीमारियों का प्रारंभिक पता लगाया जा सका, बल्कि लोगों को समय पर उपचार भी मिल सका।  जागरूकता और सशक्तिकरण  इस अभियान से महिलाओं और परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अभियान न केवल बीमारी की रोकथाम में मदद करते हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ और सशक्त परिवार बनाने में भी योगदान देते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा चलाया गया ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान’ सफलतापूर्वक समापन को पहुँच गया। इस अभियान के दौरान 32.77 लाख लोगों को लाभ पहुंचाया गया और महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच व सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

अभियान का उद्देश्य

अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य जागरूक बनाना और उन्हें सशक्त करना था। विशेष रूप से गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और पहचान पर जोर दिया गया।

जांच की गई बीमारियां

अभियान के दौरान महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों में निम्न बीमारियों की स्क्रीनिंग और जाँच की गई:

  • कैंसर

  • उच्च रक्तचाप

  • मधुमेह (डायबिटीज)

  • टीबी

  • सिकल सेल एनीमिया

स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ

अभियान के तहत लाखों लोगों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इससे न केवल बीमारियों का प्रारंभिक पता लगाया जा सका, बल्कि लोगों को समय पर उपचार भी मिल सका।

जागरूकता और सशक्तिकरण

इस अभियान से महिलाओं और परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अभियान न केवल बीमारी की रोकथाम में मदद करते हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ और सशक्त परिवार बनाने में भी योगदान देते हैं।

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