दशहरा के मौके पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की रैली को लेकर बीजेपी नेता राम कदम ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस रैली को ‘रोने-धोने का कार्यक्रम’ करार दिया और कहा कि इसमें कोई नया मुद्दा नहीं होगा।
राम कदम की प्रतिक्रिया
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उन्होंने कहा कि रैली में सिर्फ पुराने शब्दों जैसे ‘गद्दार’ और ‘खंजर’ ही दोहराए जाएंगे।
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राम कदम ने सवाल उठाया कि मुंबई-महाराष्ट्र को तोड़ने की बातें होंगी, लेकिन यह भी सोचना चाहिए कि इन नेताओं ने किसानों और आम जनता के लिए क्या किया।
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उनका कहना है कि इस रैली में प्रधानमंत्री और एकनाथ शिंदे पर ही टिप्पणी केंद्रित होगी, जबकि जनता के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।
राजनीतिक असर
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बीजेपी नेता की इस आलोचना ने रैली के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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यह बयान महाराष्ट्र की सियासी हलचल में नया तकराव पैदा कर सकता है।

