होली से पहले हेमंत सरकार ने दिया राज्य कर्मियों को बड़ा तोहफा, स्वास्थ्य विभाग से जारी हुआ नया नोटिफिकेशन
राज्य कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन आवेदन करते समय कर्मचारियों को अपने और अपने आश्रितों के बारे में जानकारी देनी होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऑनलाइन पंजीकरण SEHIS.Jharkhand.gov.in के माध्यम से किया जाएगा।
जिन पात्र कर्मचारियों ने पहले ही आवेदन कर दिया है, तथा नए पात्र कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पहले चरण में केवल राज्य कर्मचारियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिनके लिए यह योजना एक मार्च से लागू होगी। यह योजना पेंशनभोगियों, बोर्ड एवं निगमों के कर्मचारियों, विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों तथा अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए एक मई से लागू की जानी है। इसलिए उनके लिए नामांकन प्रक्रिया बाद में शुरू होगी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद यह सत्यापन के लिए संबंधित डीडीओ के पास जाएगा। डीडीओ द्वारा सत्यापन के बाद आवेदक को बीमा कार्ड दिया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर (पुराने आवेदकों के लिए), कर्मचारी व आश्रितों की फोटो, जन्म तिथि, आधार नंबर, कार्यालय का विवरण जैसे नियुक्ति तिथि, कार्यालय का पता आदि तथा जीपीएफ नंबर देना अनिवार्य किया गया है।
5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
आपको बता दें कि इस योजना के तहत राज्य कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
गंभीर बीमारी की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का इलाज मुहैया कराया जाएगा। इसमें निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा का प्रावधान भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त, अंग प्रत्यारोपण के मामले में, दाता के उपचार पर खर्च की गई राशि भी वहन की जाएगी।
टोल फ्री नंबर जारी
इस योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा ने टोल फ्री नंबर 18003455027 जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन में किसी प्रकार की समस्या होने पर राज्य कर्मचारी इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
लोहरदगा में सांसद सुखदेव भगत ने शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में मल्टी स्पेशियलिटी डायग्नोस्टिक्स मोबाइल मिनी अस्पताल का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सांसद ने कहा कि इस मिनी अस्पताल के माध्यम से लोगों को अपने घर के नजदीक त्वरित चिकित्सा सेवा मिलेगी।
इसमें जिले के दूरदराज के गांवों में जहां डॉक्टरों की उपलब्धता कम है या समय पर पहुंचने में कठिनाई होती है, वहां इस वैन के माध्यम से चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क होगी।
लोग अपनी चिकित्सा जांच करा सकते हैं और दवाइयां ले सकते हैं। इस मेडिकल वैन में एक डॉक्टर, एक्स-रे मशीन, दवाइयां और एक प्रयोगशाला उपलब्ध है।
यह वैन जिले के सभी ब्लॉकों के सभी गांवों में जाएगी। इस वैन की उपलब्धता कोल इंडिया द्वारा सुनिश्चित की जाती है। इसका संचालन एपरॉन इंस्टीट्यूट द्वारा किया जाता है।

