रांची में बनेंगे 3 नए फ्लाईओवर, खर्च होंगे 885 करोड़ रुपए; किसे मिलेगा फायदा
रांची में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं पर करीब 885 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, जाम और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन फ्लाईओवर परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनके निर्माण के बाद प्रमुख मार्गों पर आवागमन आसान होने और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
राजधानी रांची में कई प्रमुख सड़कों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और बाजार जाने वाले लोगों को कई बार लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है। ऐसे में नए फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने में मदद मिल सकती है।
तीनों फ्लाईओवर परियोजनाओं पर कुल 885 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे न केवल निजी वाहन चालकों बल्कि सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों को भी फायदा मिल सकता है।
इन फ्लाईओवर परियोजनाओं का सबसे बड़ा लाभ उन इलाकों के लोगों को मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों से रांची आने वाले वाहन चालकों को भी इससे राहत मिल सकती है। खासकर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और इलाज के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले लोगों के यात्रा समय में कमी आने की संभावना है।
फ्लाईओवर बनने से प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश की जाएगी। इससे ट्रैफिक पुलिस को भी यातायात नियंत्रित करने में सुविधा मिल सकती है। जाम की स्थिति कम होने पर ईंधन की खपत और वाहन चालकों के समय की भी बचत हो सकती है।
शहर के विकास के साथ रांची में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा सड़क ढांचे पर बढ़ते दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर, अंडरपास और अन्य ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत महसूस की जा रही है। तीन नए फ्लाईओवर इसी दिशा में उठाया जा रहा कदम हैं।
हालांकि, परियोजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और इनके शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। निर्माण के दौरान संबंधित क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन और आवागमन से जुड़ी अस्थायी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसके लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को पहले से यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी।
885 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ये तीन फ्लाईओवर रांची के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम परियोजनाएं हो सकती हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इनका निर्माण कब शुरू होता है, काम पूरा होने की समयसीमा क्या रहती है और किन प्रमुख मार्गों पर सबसे पहले इसका असर दिखाई देता है।

