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जामताड़ा में तालाब में डूबने से 3 मासूमों की मौत, स्कूल से लौटकर खेलने निकले थे बच्चे

जामताड़ा में तालाब में डूबने से 3 मासूमों की मौत, स्कूल से लौटकर खेलने निकले थे बच्चे

झारखंड के जामताड़ा जिले में मंगलवार को दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना सदर थाना क्षेत्र के चेंगायडीह गांव की है। तीनों बच्चे स्कूल से लौटने के बाद खेलने के लिए घर से निकले थे। खेलते-खेलते वे गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर चिरकुटोला स्थित तालाब के पास पहुंच गए। इसी दौरान तीनों पानी में चले गए और गहरे हिस्से में डूब गए। हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया।

स्कूल से लौटने के बाद निकले थे खेलने

जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चे दोपहर में स्कूल से अपने-अपने घर लौटे थे। कुछ देर बाद वे साथ में खेलने के लिए बाहर निकले। खेलते-खेलते बच्चे तालाब तक पहुंच गए। यह तालाब उनके घरों से करीब 500 मीटर की दूरी पर बताया गया है।

पुलिस के अनुसार, इसी दौरान बच्चे तालाब के गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों को जब घटना की जानकारी हुई तो ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।

5 और 6 साल के थे तीनों बच्चे

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की उम्र महज 5 और 6 साल बताई गई है। उनकी पहचान आर्यन अंसारी, नासिर अंसारी और अमर सोहेल के रूप में हुई है। आर्यन की उम्र 5 साल थी, जबकि नासिर और अमर सोहेल करीब 6 साल के थे। तीनों एक ही गांव के रहने वाले और आपस में दोस्त थे।

ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में चीख-पुकार मच गई।

मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। तीनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर मामला तालाब के गहरे पानी में डूबने का सामने आया है और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

तीन परिवारों में पसरा मातम

हादसे के बाद पूरे चेंगायडीह गांव में गम का माहौल है। जिन बच्चों के साथ कुछ देर पहले तक परिवार भविष्य के सपने देख रहा था, उनकी अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी इस घटना से सदमे में हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर छोटे बच्चों की तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा और निगरानी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर स्कूल से लौटने के बाद बच्चों के खेलने के दौरान अभिभावकों की निगरानी और खुले जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

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