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Pahalgam में आतंकियों ने हिंदूओं का नाम पूछ पूछकर मारी गोली, हमले के चश्मदीदों ने बताई आंखोंदेखी

महाराष्ट्र के पुणे से पहलगाम आए असावरी ने आजतक को बताया कि, 'आतंकवादी स्थानीय पुलिस की वर्दी में थे और उन्होंने नकाब भी पहन रखे थे। उन्होंने कहा, 'हमलावरों ने केवल पुरुषों को निशाना बनाया और विशेष रूप से हिंदुओं को कलमा पढ़ने के लिए....
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महाराष्ट्र के पुणे से पहलगाम आए असावरी ने आजतक को बताया कि, 'आतंकवादी स्थानीय पुलिस की वर्दी में थे और उन्होंने नकाब भी पहन रखे थे। उन्होंने कहा, 'हमलावरों ने केवल पुरुषों को निशाना बनाया और विशेष रूप से हिंदुओं को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जो लोग पढ़ नहीं सकते थे उन्हें गोली मार दी गयी। मेरे पिता को मेरे सामने तीन बार गोली मारी गयी।



जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी हमले के बाद कई परेशान करने वाले इनपुट आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले के चश्मदीदों ने आजतक से बातचीत में जो बताया है वो बेहद परेशान करने वाला और डराने वाला है।

उन्होंने कहा कि 'आतंकवादियों ने हिंदुओं पर गोलियां चलाईं। उसने कलमा पढ़ने को भी कहा और गोली चला दी। यह घटना पहलगाम में हुई जिसे मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है और यह पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां खुला पहाड़ी मैदान और घाटी का खूबसूरत नजारा है, लेकिन मंगलवार को यह खूनी नजारा निकला।

आतंकवादी पुलिस की वर्दी में थे और महाराष्ट्र के पुणे से पहलगाम घूमने आए थे। उन्होंने कहा, 'हमलावरों ने केवल पुरुषों को निशाना बनाया और विशेष रूप से हिंदुओं को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जो लोग पढ़ नहीं सकते थे उन्हें गोली मार दी गयी।

पापा-चाचा को गोली मारी, कलमा पढ़ने को कहा

मेरे पिता को मेरे सामने तीन बार गोली मारी गयी। मेरे चाचा को भी गोली मारी गयी। हम तम्बू के पीछे छिपे हुए थे। जो स्थानीय लोग थे उन्होंने उन्हें डरा दिया, उन्हें देखकर हम भी डर गए और हमने भी कलमा पढ़ा और हम वहां से भाग गए और घोड़ों से दूर भागकर अपनी जान बचाई।' आतंकवादियों ने मुंबई पर ठीक 26/11 जैसा हमला किया।

पीड़ित ने आगे बताया, "आतंकवादियों ने हमें 'मोदी जी' के नाम पर धमकाया और कहा 'तुम लोगों ने मोदी को सिर पर बिठा रखा है, उसकी वजह से हमारा धर्म खतरे में है। घटनास्थल पर 50 से ज़्यादा लोग मौजूद थे। घटना के बाद सेना ने लोगों को बचाया और अस्पताल पहुंचाया। कुछ स्थानीय लोगों ने भी हमारी मदद की, जिसकी वजह से हम सुरक्षित नीचे आ पाए। हालांकि, उनके पिता और चाचा की हालत के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।"

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमले में एक नवविवाहित जोड़े को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, "मैंने एक विवाहित महिला को देखा जिसके पति को गोली मार दी गई थी। वहां एक छोटी लड़की भी थी।"

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