ताकि कोई बेटा अपना पिता न खोए...शहीद मो इम्तियाज के बेटे को पिता की शहादत पर गर्व, सरकार से की यह मांग
जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में शहीद हुए बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को पटना लाया गया। पटना एयरपोर्ट पर शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में लोग, प्रशासनिक अधिकारी, और राजनेता उपस्थित रहे। माहौल गमगीन था, लेकिन साथ ही पाकिस्तान की इस नापाक हरकत को लेकर लोगों में गुस्सा भी नजर आया।
बेटे की आंखों में आंसू, दिल में गर्व
शहीद इम्तियाज के पुत्र मोहम्मद इमरान रजा ने बिलखते हुए कहा, "मुझे अपने पिता पर गर्व है। उन्होंने देश के लिए बलिदान दिया, मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं।" यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं लेकिन चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था।
परिवार की भावनाएं और गुस्सा
शहीद के छोटे भाई ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग करते हुए कहा, "सिर्फ आतंकियों को मारना काफी नहीं है। पाकिस्तान को नक्शे से मिटा देना चाहिए। मेरे भाई की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।"
गांव में मातम, मगर सिर गर्व से ऊंचा
बिहार के छपरा जिले के नारायणपुर गांव निवासी मोहम्मद इम्तियाज की शहादत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है। लोगों ने शहीद को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच उनका पार्थिव शरीर गांव तक पहुंचाया।
क्यों बढ़ा भारत-पाक तनाव?
शहीद मोहम्मद इम्तियाज उस समय शहीद हुए जब भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बावजूद पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी की गई। हाल ही में पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले और भारत की एयर स्ट्राइक के बाद सीमा पर तनाव और गहराया था।
राष्ट्र ने झुकाया सिर
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत के जवान हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर हैं। शहीद मोहम्मद इम्तियाज ने वीरता की मिसाल कायम की है, और देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

