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जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, फुटेज में देखें पुंछ और सांबा में हाई अलर्ट, सेना ने एंटी-ड्रोन सिस्टम किया सक्रिय

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, फुटेज में देखें पुंछ और सांबा में हाई अलर्ट, सेना ने एंटी-ड्रोन सिस्टम किया सक्रिय

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। गुरुवार शाम को जम्मू-कश्मीर के पुंछ और सांबा जिलों में रामगढ़ सेक्टर के पास लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) और इंटरनेशनल बॉर्डर पर पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए। ड्रोन दिखाई देने के बाद भारतीय सेना ने तुरंत सतर्कता बढ़ाते हुए अपने एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम को सक्रिय कर दिया। घटना के बाद से सीमा पर तैनात सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

सेना के सूत्रों के अनुसार, यह ड्रोन नियमित निगरानी के दौरान देखे गए। पुंछ जिले में सीमा से सटी एक अग्रिम पोस्ट के पास एक ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर के पास भी एक अन्य ड्रोन को उड़ते हुए देखा गया। ड्रोन की गतिविधियों को देखते हुए सेना ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए और पूरे क्षेत्र में निगरानी और सख्त कर दी गई।

सूत्रों ने बताया कि ड्रोन की पहचान होते ही सेना की एंटी-ड्रोन यूनिट्स को अलर्ट कर दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। हालांकि, इस घटना में किसी तरह के नुकसान या घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से ले रही हैं। सीमा के आसपास अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और रातभर सघन तलाशी और निगरानी अभियान चलाया गया।

गौरतलब है कि पिछले पांच दिनों में यह तीसरी बार है जब जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं। इससे पहले 13 जनवरी को राजौरी जिले में दो बार ड्रोन गतिविधियां दर्ज की गई थीं। उस दौरान सेना ने ड्रोन को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की ओर लौट गए थे। इन घटनाओं से साफ है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी या संदिग्ध गतिविधियों की कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों, मादक पदार्थों या विस्फोटक सामग्री की तस्करी के साथ-साथ भारतीय सुरक्षा ठिकानों की रेकी के लिए किया जा सकता है। इसी कारण सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन गतिविधियों को लेकर बेहद सतर्क हैं। बीते कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में ड्रोन के जरिए घुसपैठ और तस्करी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सेना के अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक को लगातार मजबूत किया जा रहा है। ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विशेष उपकरण तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है।

पाकिस्तानी ड्रोन की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी नापाक कोशिश को नाकाम करने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर और कड़ी निगरानी बनाए रखेंगी, ताकि देश की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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