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गुलमर्ग में लागू हुआ ऑड-ईवन ट्रैफिक नियम: बढ़ती भीड़ और प्रदूषण पर लगाम लगाने की तैयारी, पर्यटकों को मिलेगा बेहतर सफर

गुलमर्ग में लागू हुआ ऑड-ईवन ट्रैफिक नियम: बढ़ती भीड़ और प्रदूषण पर लगाम लगाने की तैयारी, पर्यटकों को मिलेगा बेहतर सफर

कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल गुलमर्ग में बढ़ती ट्रैफिक भीड़ और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी ने यहां ऑड-ईवन ट्रैफिक नियम लागू कर दिया है। इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और पर्यटकों को सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

गुलमर्ग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और शांत वातावरण के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण गुलमर्ग में वाहनों का दबाव भी लगातार बढ़ रहा था, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याएं सामने आने लगी थीं।

बढ़ते वाहनों से बढ़ रही थी परेशानी

गुलमर्ग में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में निजी वाहन पहुंचते हैं। खासकर पीक सीजन में सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे पर्यटकों को परेशानी होती है। इसके अलावा वाहनों से निकलने वाले धुएं का असर क्षेत्र के नाजुक पर्यावरण पर भी पड़ रहा है।

गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी का मानना है कि ऑड-ईवन व्यवस्था से सड़कों पर वाहनों की संख्या नियंत्रित होगी और ट्रैफिक व्यवस्था पहले से बेहतर हो सकेगी।

कैसे काम करेगा ऑड-ईवन सिस्टम

ऑड-ईवन नियम के तहत वाहनों को उनके नंबर प्लेट के आधार पर अलग-अलग दिनों में चलने की अनुमति दी जाएगी। जिन वाहनों के नंबर निर्धारित नियमों के अनुसार होंगे, उन्हें संबंधित दिनों में ही गुलमर्ग क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। इसके परिणामों का आकलन करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

गुलमर्ग जैसे संवेदनशील पहाड़ी पर्यटन स्थल पर पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती है। बढ़ते निर्माण और वाहनों की संख्या के कारण यहां के प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।

अधिकारियों का कहना है कि ऑड-ईवन नियम लागू करने का मकसद केवल ट्रैफिक कम करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखना भी है।

पर्यटकों को मिलेगी बेहतर सुविधा

गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, इस व्यवस्था से पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा। कम वाहनों के कारण सड़कें अधिक व्यवस्थित रहेंगी और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता आसान होगा।

स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी उम्मीद है कि बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से गुलमर्ग में पर्यटन को लंबे समय तक फायदा मिलेगा।

देश के अन्य पर्यटन स्थलों के लिए भी मॉडल बन सकता है

विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसे उपाय जरूरी हैं। कई पर्यटन स्थलों पर अत्यधिक वाहनों के कारण पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।

गुलमर्ग में शुरू किया गया यह ऑड-ईवन सिस्टम सफल रहा तो इसे अन्य संवेदनशील पर्यटन क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन की नजर इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों पर है।

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