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NMC ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की MBBS मान्यता रद्द की, औचक निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां

NMC ने श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की MBBS मान्यता रद्द की, औचक निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज) की एमबीबीएस (MBBS) मान्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा 6 जनवरी को किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में कई गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके चलते यह कठोर फैसला लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक, MARB की टीम ने मेडिकल कॉलेज के इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, अस्पताल सुविधाओं, मरीजों की संख्या और शैक्षणिक मानकों का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया कि कॉलेज निर्धारित मानकों को पूरा करने में असफल रहा है। खास तौर पर फैकल्टी की कमी, अस्पताल में मरीजों की पर्याप्त संख्या न होना और शैक्षणिक संसाधनों की कमी जैसी खामियां उजागर हुईं।

NMC का कहना है कि मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया है कि MBBS जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और क्लीनिकल एक्सपोजर मिलना अनिवार्य है। यदि कोई संस्थान तय मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मान्यता रद्द होने के बाद अब कॉलेज में नए MBBS छात्रों के दाखिले पर रोक लग जाएगी। हालांकि, पहले से पढ़ रहे छात्रों के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए NMC की ओर से अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। आमतौर पर ऐसे मामलों में छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित करने या वैकल्पिक व्यवस्था करने पर विचार किया जाता है।

श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज जम्मू-कश्मीर का एक महत्वपूर्ण सरकारी मेडिकल संस्थान माना जाता है। ऐसे में मान्यता रद्द होने की खबर से छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। कई छात्रों ने मांग की है कि उनकी पढ़ाई और करियर पर इस फैसले का नकारात्मक असर न पड़े, इसके लिए जल्द से जल्द स्पष्ट नीति बनाई जाए।

वहीं, कॉलेज प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से कहा गया है कि NMC की निरीक्षण रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और दोबारा मान्यता प्राप्त करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

यह मामला एक बार फिर देश में मेडिकल कॉलेजों की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। NMC की इस कार्रवाई को मेडिकल शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है।

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