Jammu Kashmir Politics: BJP का उमर अब्दुल्ला के आरोपों पर पलटवार, प्रदेश अध्यक्ष बोले- विधायकों से संपर्क की जरूरत ही नहीं
जम्मू-कश्मीर की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से बीजेपी पर विधायकों को कथित रूप से खरीदने के आरोप लगाए जाने के बाद अब बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों से संपर्क करने की कोई जरूरत ही नहीं है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के ही कुछ विधायक अपनी सरकार के उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो रहे हैं, तो फिर बीजेपी को उन्हें तोड़ने की आवश्यकता क्यों होगी।
BJP ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
बीजेपी नेताओं ने उमर अब्दुल्ला के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें उन्होंने बीजेपी पर जम्मू-कश्मीर के विधायकों को बड़ी रकम देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त की राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं और इनका कोई आधार नहीं है।
‘जब विधायक खुद नाराज हैं तो बीजेपी को जरूरत क्यों?’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदर चल रही कथित नाराजगी का हवाला देते हुए कहा कि अगर पार्टी के अपने विधायक ही सरकार के कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं, तो बीजेपी को किसी तरह की कोशिश करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि विधायकों के व्यवहार से ही पता चलता है कि सरकार के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हालांकि, उन्होंने किसी विधायक का नाम लेकर कोई दावा नहीं किया।
उमर अब्दुल्ला और BJP के बीच बढ़ी सियासी तकरार
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि पार्टी विधायकों को धनबल के जरिए प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
इसके जवाब में बीजेपी ने उनसे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने या बयान वापस लेने की मांग की है।
विधानसभा राजनीति पर टिकी नजरें
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की राजनीति को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।
फिलहाल बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहां एक ओर उमर अब्दुल्ला अपनी सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों का आरोप लगा रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे सरकार की नाकामियों से ध्यान भटकाने की रणनीति बता रही है।

