Samachar Nama
×

इजराइल-ईरान जंग का चौथा दिन, वीडियो में देखें भारत में शिया समुदाय के विरोध और श्रीनगर में बंद

इजराइल-ईरान जंग का चौथा दिन, वीडियो में देखें भारत में शिया समुदाय के विरोध और श्रीनगर में बंद

इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज चौथा दिन है। इसी बीच भारत के शिया समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में लगातार प्रदर्शन शुरू कर रखा है। देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शन के बीच सुरक्षा बल सतर्क हैं।

विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सोमवार को हुए प्रदर्शन के बाद मंगलवार को शहर लगातार दूसरे दिन बंद रहा। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर हंगामा किया। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी सड़कों पर जुटे रहे। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन में महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई।

सुरक्षा बलों ने कहा कि स्थिति को काबू में रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शहर में शांति बनाए रखें और किसी भी हिंसक गतिविधि से दूर रहें। स्थानीय बाजार और सरकारी दफ्तर बंद रहने के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके सुरक्षित प्रत्यक्ष संपर्क को लेकर कई खाड़ी देशों के प्रमुखों से बात की। उन्होंने सबसे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत की। इन बैठकों का उद्देश्य वहां रहने वाले भारतीय समुदाय और व्यापारिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बताया कि मोदी ने विभिन्न खाड़ी देशों के अधिकारियों से फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और शीघ्र भारत लौटाने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय (MEA) सक्रिय रूप से दुबई, अबू धाबी और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों के लिए सहायता केंद्र चला रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में शिया समुदाय के प्रदर्शन इस बीच बढ़ते तनाव का संकेत हैं। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित हिंसा की संभावना को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

श्रीनगर और अन्य प्रभावित इलाकों में स्थानीय प्रशासन ने सरकारी और निजी संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। पुलिस ने शहर में कफ्र्यू और अतिरिक्त पेट्रोलिंग भी बढ़ाई है। अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

इस बीच, देशभर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित करें।

इस प्रकार, इजराइल-ईरान संघर्ष का असर न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि भारत के अंदर भी देखा जा रहा है। सुरक्षा बल, प्रशासन और प्रधानमंत्री कार्यालय की सक्रिय भूमिका के बावजूद तनाव अभी कम नहीं हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति पर कड़ी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता बनी रहेगी।

Share this story

Tags