J-K में आतंकवाद के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन, उत्तर से दक्षिण कश्मीर तक छापेमारी; कई ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियों की दबिश
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। आतंकियों और उनके मददगारों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए उत्तर कश्मीर से लेकर दक्षिण कश्मीर तक कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों, आतंकी नेटवर्क और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आतंकवादी संगठनों के लिए काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स, उनके सहयोगियों और संदिग्ध नेटवर्क का पता लगाना है। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बल संदिग्ध दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और अन्य सामान की जांच कर रहे हैं।
उत्तर कश्मीर में भी कार्रवाई
उत्तर कश्मीर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच के तहत इन स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की गई। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्ध लोगों का किसी आतंकी संगठन या उसके नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं है।
दक्षिण कश्मीर में भी बढ़ाई गई निगरानी
दक्षिण कश्मीर में भी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस आतंकी संगठनों के स्थानीय नेटवर्क, मददगारों और उनके लिए काम करने वाले लोगों की पहचान करने पर है।
आतंकियों के मददगारों पर शिकंजा
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के मददगारों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आतंकी संगठन स्थानीय स्तर पर अपने नेटवर्क के जरिए हथियार, ठिकाने, संचार और अन्य मदद हासिल करने की कोशिश करते हैं। इसी नेटवर्क को तोड़ने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी और पूछताछ की कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी
छापेमारी के साथ ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आतंकियों और उनके नेटवर्क को किसी भी तरह की मदद पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार नए ठिकानों की पहचान कर रही हैं।

