सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने उत्तरी कमान का किया दौरा, LoC समेत अग्रिम इलाकों में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने उत्तरी कमान के अपने पहले दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालात, सैन्य तैयारियों और ऑपरेशनल क्षमता की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने श्रीनगर, कुपवाड़ा और नियंत्रण रेखा (LoC) से जुड़े कई अग्रिम इलाकों का दौरा किया और जमीन पर तैनात जवानों से सीधे संवाद किया।
सेना प्रमुख ने इस दौरे में आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली और ऑपरेशनल प्लानिंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अग्रिम चौकियों पर जवानों से किया संवाद
जनरल धीरज सेठ ने नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में तैनात सैनिकों से मुलाकात की और उनके समर्पण एवं साहस की सराहना की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाया और उनकी समस्याओं को भी सुना।
सेना प्रमुख ने कहा कि जवानों की सतर्कता और प्रतिबद्धता देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी सैन्य कर्मियों को पूरी तत्परता और समन्वय के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।
नई तकनीकों और आधुनिक युद्ध क्षमता पर जोर
दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में सेना को नई तकनीकों, बेहतर निगरानी प्रणालियों और आधुनिक संसाधनों के साथ लगातार तैयार रहना होगा।
उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में बेहतर तालमेल, खुफिया तंत्र की मजबूती और प्रभावी रणनीति के महत्व को भी रेखांकित किया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लिया फीडबैक
उत्तरी कमान के अधिकारियों ने सेना प्रमुख को क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और चल रहे अभियानों की जानकारी दी। इस दौरान सीमा पार से संभावित चुनौतियों, घुसपैठ रोकने की रणनीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। सेना की ओर से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और अभियान जारी हैं।
जनरल धीरज सेठ के इस दौरे से सेना की तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ अग्रिम मोर्चों पर तैनात जवानों का उत्साह भी बढ़ा है। सेना ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और शांति बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

