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Amarnath Yatra 2026: यात्रा शुरू होने के 5 दिन बाद ही अंतर्ध्यान हुआ हिम शिवलिंग, लाखों श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाएंगे दर्शन

Amarnath Yatra 2026: यात्रा शुरू होने के 5 दिन बाद ही अंतर्ध्यान हुआ हिम शिवलिंग, लाखों श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाएंगे दर्शन

अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही पवित्र गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग पूरी तरह अंतर्ध्यान हो गया है। इसके चलते इस साल पंजीकरण कराने वाले तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के प्राकृतिक स्वरूप के दर्शन नहीं कर पाएंगे। हालांकि, पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन और यात्रा पहले की तरह जारी रहेगी।

हर साल लाखों श्रद्धालु अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए कठिन यात्रा पूरी करते हैं। मान्यता है कि गुफा में बर्फ से बनने वाला यह शिवलिंग भगवान शिव के स्वरूप का प्रतीक है और इसके दर्शन को बेहद पवित्र माना जाता है।

यात्रा शुरू होने के बाद तेजी से पिघला हिम शिवलिंग

जानकारी के अनुसार, इस बार अमरनाथ यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद मौसम में बदलाव और तापमान बढ़ने के कारण हिम शिवलिंग तेजी से पिघलने लगा। सामान्य तौर पर हिम शिवलिंग का आकार मौसम और तापमान पर निर्भर करता है।

यात्रा के शुरुआती दिनों में श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए, लेकिन अब प्राकृतिक हिम शिवलिंग के पूरी तरह अंतर्ध्यान होने की जानकारी सामने आई है। इससे उन श्रद्धालुओं में निराशा है जो आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले हैं।

तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया है पंजीकरण

इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। आंकड़ों के मुताबिक, तीन लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। अब इनमें से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को हिम शिवलिंग के दर्शन का अवसर नहीं मिल पाएगा।

हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा और पवित्र गुफा के दर्शन की प्रक्रिया जारी रहेगी। श्रद्धालु गुफा तक पहुंचकर पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

मौसम का पड़ता है सीधा असर

अमरनाथ गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है। इसका आकार और मौजूदगी तापमान, बर्फबारी और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

गर्म मौसम में बर्फ तेजी से पिघलने के कारण कई बार हिम शिवलिंग जल्दी समाप्त हो जाता है। वहीं, ठंडे मौसम में यह लंबे समय तक बना रह सकता है।

प्रशासन ने यात्रा व्यवस्था जारी रखने की बात कही

अधिकारियों के अनुसार, हिम शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने के बावजूद अमरनाथ यात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों पर सभी व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से श्रद्धालु पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं। सुरक्षा बल और प्रशासनिक टीमें यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार तैनात हैं।

श्रद्धालुओं में मायूसी, लेकिन आस्था कायम

हिम शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने की खबर से कई श्रद्धालुओं में निराशा जरूर है, लेकिन बाबा अमरनाथ के प्रति उनकी आस्था बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि गुफा के दर्शन और भगवान शिव की पूजा अपने आप में बड़ा सौभाग्य है।

अमरनाथ यात्रा को देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु ऊंचे पहाड़ों और कठिन रास्तों को पार कर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा पूरी श्रद्धा और सुरक्षा व्यवस्था के साथ जारी है।

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